🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

DA का भुगतान करने की मांग लेकर सड़कों पर उतरे सरकारी कर्मचारी,धर्मतला जाम

ट्रैफिक में रुकावट से कई लोग परेशान।

By तुहिना मंडल, Posted by: श्वेता सिंह

Feb 26, 2026 17:22 IST

कोलकाताः सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के बकाया DA का 25 परसेंट का तुरंत भुगतान करने का आदेश दिया है।हालांकि इसे लागू नहीं किया गया है। 'संग्रामी समिति मंच' और राज्य सरकार के कई दूसरे संगठनों ने गुरुवार को 'कालीघाट अभियान' शुरू किया। सरकारी कर्मचारियों के एक ग्रुप ने इस दिन दोपहर करीब 1 बजे धर्मतल्ला में मेट्रो चैनलके पास से जुलूस शुरू किया। अनुमति नहीं होने की वजह से पुलिस ने पहले ही जुलूस रोकने के लिए कदम उठा लिए थे। पुलिस ने लिंडसे स्ट्रीट के सामने बैरिकेडिंग कर दी।

यह पक्का करने की कोशिश की गयी कि कोई भी आंदोलनकारी बैरिकेड पार न कर सके। विरोध करने वालों ने मेट्रो चैनल पर धरना शुरू कर दिया है। इस बीच, इस अभियान की वजह से शहर के बीचों-बीच धर्मतला में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गयी। ट्रैफिक जाम की वजह से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने दावा किया कि "ऐसी स्थिति में उठाए जाने वाले सभी कदम उठाए गए हैं।" काफी समय तकDC सेंट्रल इंदिरा मुखर्जी धर्मतला परिसर मेंथीं।

गौरतलब है कि 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के बकाया DA का 25 प्रतिशत भुगतान तुरंत करने का आदेश दिया था। बाकी DA का भुगतान कैसे और कब किया जाएगा, यह तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। कोर्ट ने आगे आदेश दिया कि बकाया रकम और भुगतान की तारीख 6 मार्च तक तय कर दी जाए। कमेटी द्वारा तय की गई पहली किस्त 31 मार्च तक दे दी जाए। यह भी बताया गया कि 15 अप्रैल तक सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट (कम्प्लायंस रिपोर्ट) जमा की जाए ताकि यह बताया जा सके कि कोर्ट का आदेश लागू हुआ है या नहीं।

संग्रामी संयुक्त मंच के जॉइंट कॉन्वेनर भास्कर घोष ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आए कई दिन बीत चुके हैं। राज्य सरकार फिर भी DA चुकाने की पहल नहीं कर रही है। इसलिए इस अभियान का आह्वान किया गया है।

Prev Article
बंगाल में SIR की सुनवाई में माध्यमिक का एडमिट और प्रमाणपत्र अनिवार्यः सुप्रीम कोर्ट
Next Article
अंतिम मतदाता सूची से कितने मतदाताओं का नाम हटेगा?

Articles you may like: