गाजियाबाद: लगभग तीन घंटे के रोमांचक अभियान में बुधवार रात गाजियाबाद के ग्रीनफील्ड स्कूल से लेपर्ड को सुरक्षित निकाल लिया गया। बुधवार सुबह स्कूल के एक सुरक्षा गार्ड ने स्कूल के आंगन में पहली बार लेपर्ड देखा और तुरंत स्कूल प्रबंधन को जानकारी दी। स्कूल प्रबंधन ने वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी पूरे क्षेत्र को घेरकर अभियान शुरू कर दिए। कक्षाओं को बंद रखकर लेपर्ड को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया।
लेपर्ड कहां छिपा है, यह पहले स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। बाद में ड्रोन कैमरे की मदद से उसकी खोज शुरू की गई। कई घंटों की कोशिश के बाद देखा गया कि लेपर्ड लड़कों के शौचालय में छिपा हुआ है। वन विभाग के कर्मचारियों ने शौचालय का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद शौचालय की खिड़की से नींद की गोलियां चलाकर लेपर्ड को काबू करने की कोशिश की गई लेकिन लक्ष्य भेद न होने पर शौचालय की दीवार में छेद कर वहां से नींद की गोलियां चलाकर लेपर्ड को काबू किया गया। जब लेपर्ड बेहोश हुआ, उसे पिंजरे में बंद कर वन विभाग के कर्मचारियों ने सुरक्षित ले गए।
वन विभाग के अनुसार, 75 किलोग्राम वजनी पूर्णवयस्क लेपर्ड पूरी तरह से स्वस्थ है। अनुमान है कि यह नजदीकी सहारनपुर के जंगल से स्थानीय इलाके में आया था। चेतना आने के बाद इसे सहारनपुर के जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारी ईशा तिवारी ने बताया कि उनके कर्मचारियों ने योजना के अनुसार स्कूल में तलाशी अभियान चलाया। लेपर्ड को कोई नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया। लेपर्ड स्वस्थ है। थोड़ी देखभाल और चिकित्सा के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।