प्रयागराज: दो दिनों के लिए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज दर्शन पर जाने वाले थे भारत संचार निगम लिमिटेड के डायरेक्टर विवेक बंसल। उनके दौरे में तौलिया मोड़ने से लेकर गंगा में नौका बुकिंग तक कई निजी कामों के लिए 50 कर्मचारियों की मांग की गई थी। बीएसएनएल अधिकारी के इस दौरे का विवरण सामने आते ही हंगामा मच गया। पूरे मामले को अनुचित और अस्वीकार्य बताते हुए केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप में बीएसएनएल के उक्त डायरेक्टर के खिलाफ शो कॉज नोटिस जारी किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक 25 और 26 फरवरी को प्रयागराज जाने वाले थे भारत संचार निगम लिमिटेड के डायरेक्टर विवेक बंसल। उनके दौरे के लिए 50 कर्मचारियों की तैनाती का आदेश सामने आते ही विवाद शुरू हो गया। डीजीएम की ओर से जारी निर्देश के अनुसार,बीएसएनएल डायरेक्टर के दौरे का मिनट टू मिनट कार्यक्रम बनाया गया था। उनके लिए साबुन, तेल, यहां तक कि अंतर्वस्त्र तक व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी तय की गई थी। संगम में स्नान के लिए तौलिया, आईना, कंघी और अन्य निजी सामान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। त्रिवेणी संगम और मंदिर भ्रमण के दौरान स्नान सामग्री, जलपान और एस्कॉर्ट वाहन की व्यवस्था भी अधिकारियों को करनी थी।
विवेक बंसल और उनके परिवार के लिए किस प्रकार के ड्राई फ्रूट और फल लाए जाएंगे, यह भी तय किया गया था। पीने के पानी के लिए विशेष ब्रांड का उल्लेख था। उनके और परिवार के आवागमन के लिए उच्च श्रेणी की एसयूवी गाड़ी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। स्नान सामग्री, तौलिया, अंतर्वस्त्र, चप्पल, कंघी, आईना और तेल की बोतल सहित आवश्यक वस्तुओं की सूची भी आदेश में शामिल थी। यह निर्देश सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठने लगे।
मामला सामने आने के बाद केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यह स्थापित नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है। उनके शब्दों में यह मेरे लिए अस्वीकार्य है। संबंधित डायरेक्टर को सात दिन के भीतर 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है और उचित कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले तीन महीनों में बीएसएनएल को लगभग 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।