लखनऊ : उत्तर प्रदेश प्रयागराज की एक विशेष POCSO अदालत ने शनिवार को झूंसी थाने के प्रभारी को, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण के आरोप है।
पिछले सप्ताह विशेष न्यायाधीश (POCSO अधिनियम) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत दायर एक याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। यह याचिका आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य द्वारा दायर की गई थी। अदालत ने पीड़ित ‘बटुकों’ (आश्रम में रहने वाले बालकों) के बयान दर्ज करने और साक्ष्यों की जांच के बाद यह आदेश दिया।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि अब हमें न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि आज से वे यहां से विद्या मठ (वाराणसी) तक ‘सनातन यात्रा’ निकाल रहे हैं। उनका दावा है कि विद्या मठ की पांचवीं मंजिल पर बच्चों के यौन शोषण के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सभी साक्ष्य अदालत को प्रस्तुत कर दिए गए हैं और पुलिस को भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल ही में प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के आयोजकों के साथ विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रशासन ने उन्हें मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने से रोका।