जयपुर : दो बहनों की शादी एक साथ होगी। घर में मंडप सजाया गया है। रिश्तेदार खुशी में झूम रहे हैं। लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया। शादी के दिन सुबह घर से दो बहनों के बेहोश शरीर बरामद हुए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दोनों बहनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से शनिवार को राजस्थान के जोधपुर के मना गांव में शोक छा गया। आत्महत्या के कारण की जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस और स्थानीय निवासियों के अनुसार दीप सिंह की दो बेटियां शोभा और बिमला हैं। दोनों ही एक स्थानीय निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। पोखरण के जेमला गांव में दोनों का विवाह तय हुआ था। शनिवार 21 फरवरी को विवाह होना तय था। पिछले दो दिनों से रिश्तेदारों ने शादी की सभी तैयारियां की थी। शुक्रवार को 'बांडोली' (जैसे इबुड़ो चावल) समारोह हुआ। गांव के लोगों के साथ दोनों बहनों ने मंदिर में कुशलतापूर्वक पूजा अर्चना किया।
पुलिस ने बताया रात में दोनों बहनें खाना खाकर सो गईं। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। सुबह करीब 4 बजे उनके कमरे से हड़कंप की आवाज सुनकर घर वाले चौंक गए। तुरंत सभी लोग दौड़ पड़े। देखा कि उनका शरीर नीला पड़ गया है। तुरंत दोनों बहनों को गांव वालों ने पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस का अनुमान है कि दोनों बहनों ने जहर खाकर आत्महत्या की। मृतकों के चाचा यशवंत सिंह ने भी यही दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जालोर के अन्य दो लड़कों के साथ मेरी भतीजियों की शादी तय हुई थी। लेकिन परिवार के दबाव में इसे रद्द करना पड़ा। बाद में पोखरण के जेमला गांव में उनकी शादी तय हुई। यशवंत का दावा है कि उनकी भतीजियां इस मामले को स्वीकार नहीं कर सकीं।
इतना ही नहीं, उस घटना के बाद से वह अपनी बहन से भी नहीं मिल पाए, ऐसा दावा किया है यशवंत सिंह ने। करीब सुबह पांच बजे उन्होंने फोन पर घटना के बारे में जाना। इसके बाद वह मुनाई गांव भागे। कुछ ही समय में पुलिस भी वहां पहुंच गई। इस बीच घटना की जांच शुरू हो गई है। पुलिस आत्महत्या के असली कारण की जांच कर रही है।