पिछले साल नवंबर में जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद तृणमूल से सस्पेंड हो चुके और राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी शनिवार को बेहला पश्चिम विधानसभा केंद्र में पहुंचे। वह लगभग 3 सालों बाद अपने विधानसभा केंद्र पहुंचे थे। इस मौके पर पार्थ चटर्जी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस से ज्यादा अच्छा अपने विधानसभा केंद्र के वोटर्स से मिलने का और कौन सा हो सकता है।
बता दें, 23 जुलाई 2022 को ED ने उन्हें SSC नियुक्ति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया था। उनकी करीबी रही अर्पिता मुखर्जी के घर से भारी मात्रा में नगदी बरामद की गयी थी जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
शनिवार को अपने विधानसभा केंद्र पहुंचे पार्थ चटर्जी ने कहा कि मैं अपने विधानसभा केंद्र में अपने मतदाताओं से मिला और उनके साथ अपने रिश्तों को फिर से नया बनाया। हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव में वह इस विधानसभा केंद्र से फिर से चुनाव में खड़े होंगे या नहीं, इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि यह मेरे हाथों में नहीं है। आज मैं व्यक्तिगत रूप से अपने विधानसभा केंद्र में आया था। इस दौरान पूरे समय मेरा ऑफिस लोगों की समस्याएं सुनने के लिए खुला रहा। प्रशासन ने भी आश्वस्त किया है कि इन सेवाओं में कोई बाधा पैदा नहीं की जाएगी।
अंतरिम बजट में घोषित की गयी युवा साथी परियोजना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसमें कुछ गलत तो नहीं है। यह राज्य सरकार का अधिकार है। यह आम जनता की भलाई में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व में भी सीपीआई(एम) की ओर से भी भत्ते और आर्थिक अनुदान दिया जाता रहा है। हालांकि उन्होंने युवाओं के लिए नौकरी के मौके बनाने पर हमेशा जोर होने की बात कही। भत्ते और आर्थिक अनुदान इसके विकल्प नहीं हो सकते।