रांची: झारखंड के कई जिलों में बच्चा चोरी के संदेह में भीड़ द्वारा पीटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामले अफवाह और शक के आधार पर हो रहे हैं।
कहां-कहां फैल रही है बच्चा चोरी की अफवाह?
पुलिस के अनुसार रांची, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, राजगंज और बेंगाबाद में ऐसी घटनाएं अधिक हो रही हैं। अधिकतर मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित लोग गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बच जा रहे हैं लेकिन लगभग रोज किसी न किसी इलाके में भीड़ हिंसा की घटना से कानून व्यवस्था पर खतरे की आशंका जताई जा रही है।
गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे रांची के बड़ियातू थाना क्षेत्र के एदलहातू इलाके में भीड़ ने एक महिला सहित तीन लोगों को घेर लिया। वे ई-रिक्शा से जा रहे थे और उसी रिक्शा में तीन साल का एक बच्चा बैठा था। बच्चे के अपहरण के शक में महिला, उनके एक साथी और ई-रिक्शा चालक को पीटा गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों को बचाया। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह गुमला जिले की रहने वाली हैं और रांची में बेटी-दामाद से मिलने आई थीं। बच्चा पहले से ही ई-रिक्शा में बैठा था।
उसी दिन रात में धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के माहातोटांड़ इलाके में बच्चा चोरी के शक में एक युवक को घेरकर लाठी और लोहे की रॉड से पीटा गया। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उनके साथ भी मारपीट और गाली-गलौज की गई। पुलिस ने युवक को अचेत अवस्था में बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पातरडीह और फुरसोडीह गांवों में भी कुछ दिन पहले बच्चा चोरी के शक में एक महिला और एक मध्यम आयु के व्यक्ति को पीटा गया। जांच में पता चला कि व्यक्ति अपने ससुराल जा रहा था और महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। पुलिस के अनुसार दोनों में से कोई भी बच्चा चोर नहीं था। धनबाद के बैंकमोड़ थाना क्षेत्र में एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को भी बच्चा चोरी के शक में पीटा गया। पुलिस ने पहुंचकर उसे बचाया। पूछताछ में पता चला कि वह होली के अवसर पर घर-घर शुभकामनाएं देकर चंदा एकत्र कर रहे थे।
कोडरमा जिले के मरकच्छ थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव में भी पिछले सप्ताह एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को बच्चा चोर समझकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। भीड़ हिंसा रोकने के लिए पुलिस ने सभी जिलों के थानों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर 112 नंबर पर सूचना दें। किसी भी स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें।