पारंपरिक भारतीय रसोई में नमकीन व्यंजनों की अपनी खास पहचान है। चाय के साथ परोसे जाने वाले पीले खाजे और नमकीन पारे ऐसे ही लोकप्रिय पकवान हैं जिन्हें कम सामग्री में घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। खास बात यह है कि एक ही तरह का आटा गूंधकर दो अलग-अलग आकार और स्वाद के नमकीन बनाए जा सकते हैं।
इन व्यंजनों के लिए 500 ग्राम मैदा को छानकर उसमें एक कटोरी बारीक सूजी मिलाई जाती है जिससे कुरकुरापन बढ़ता है। स्वादानुसार नमक, आधा छोटा चम्मच मसलकर अजवाइन और चौथाई छोटा चम्मच हल्दी (ऐच्छिक) मिलाई जाती है। लगभग 100 मिलीलीटर तेल मोयन के रूप में डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाया जाता है। सही मोयन की पहचान यह है कि मुट्ठी में दबाने पर आटा बंध जाए और बिना छुए बिखरे नहीं। इसके बाद गरम पानी से थोड़ा सख्त आटा गूंधकर आधे घंटे के लिए ढककर रख दिया जाता है।
आटे को दो भागों में बांटकर पहला भाग छोटे-छोटे पेड़ों के रूप में बेल लिया जाता है। यदि खाजे को अधिक फूलने से रोकना हो तो कांटे से हल्के छेद किए जा सकते हैं। तेज आंच पर तलने के बाद मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक पकाया जाता है। ये हल्के नमकीन स्वाद वाले पीले खाजे तैयार हो जाते हैं।
दूसरे भाग को मोटा बेलकर इच्छानुसार आकार में काटा जाता है। तलने के तुरंत बाद उस पर जलजीरा पाउडर या चाट मसाला छिड़क दिया जाता है जिससे नमकीन पारे चटपटे बनते हैं।
दोनों प्रकार के नमकीन 15 से 20 दिनों तक सुरक्षित रहते हैं और पारिवारिक मिलन या शाम की चाय के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।