🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

घर पर उगाएं आंवला: स्वस्थ और पोषण से भरपूर!

घर पर आंवला उगाना न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि यह आपके घर को हरा-भरा और सुंदर भी बनाता है।

By राखी मल्लिक

Jan 29, 2026 19:37 IST

आंवला, जिसे भारतीय गूसबेरी भी कहा जाता है, स्वास्थ्य और सुंदरता दोनों के लिए फायदेमंद है। इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह पाचन, हृदय स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। आंवले का उपयोग जूस, अचार, पाउडर और कैंडी बनाने के लिए होता है। बाजार में इसकी हमेशा अच्छी मांग रहती है और कीमत भी अधिक रहती है। लेकिन आप इसे घर पर भी उगा सकते हैं, चाहे वह छत हो, बालकनी या गमला।

बीज से पौधा उगाना

आंवले को बीज से उगाना पर थोड़ा समय लेता है, लेकिन यह संभव है। इसके लिए सबसे पहले पके और स्वस्थ आंवले से बीज निकालें। बीजों को 24 घंटे पानी में भिगोकर नरम करें। इसके बाद वर्मीकंपोस्ट और कोकोपीट को मिलाकर हल्का गीला करें। 8 इंच के गमले में यह मिश्रण भरें और बीजों को लगभग 1 सेंटीमीटर गहरे लगाएं। बीजों को जर्मिनेशन के लिए ऐसे स्थान पर रखें जहां हल्की धूप और छांव दोनों मिलें। बीज अंकुरित होने में लगभग 25 से 30 दिन लग सकते हैं।

पौधे के लिए मिट्टी और पानी

आंवले को ऐसी मिट्टी चाहिए जो पानी को ज्यादा देर तक रोक न पाए और पोषक तत्वों से भरपूर हो। इसके लिए गार्डन सॉइल, वर्मीकंपोस्ट और रेत को बराबर मात्रा में मिलाएं। नीमखली पाउडर डालने से यह प्राकृतिक एंटी-फंगल का काम करेगा। पौधे को सुबह की तीन-चार घंटे की धूप मिलनी चाहिए और पानी तभी दें जब मिट्टी ऊपरी सतह से सूखी लगे। ज्यादा पानी देने से पौधा गल सकता है।

ग्राफ्टिंग और एयर लेयरिंग तकनीक

बीज से उगाए गए पौधे में फल आने में 7 से 8 साल लग सकते हैं। जल्दी फल पाने के लिए ग्राफ्टिंग या एयर लेयरिंग तकनीक का इस्तेमाल करें। ग्राफ्टिंग में पुराने पौधे के रूटस्टॉक पर फल देने वाले बड़े पेड़ की कलम लगाई जाती है। इसे टेप और पॉलीथीन से ढककर रखा जाता है। कुछ समय बाद नई शाखाएं और पत्तियां उग आती हैं।

एयर लेयरिंग तकनीक में शाखा पर कट लगाकर रूटिंग हार्मोन, एलोवेरा जेल या हल्दी लगाई जाती है। फिर इसे गीली मिट्टी और पॉलीथीन से ढक दिया जाता है। 4 से 5 हफ्तों में जड़ें निकल जाती हैं और नया पौधा गमले में लगाया जा सकता है।

पौधे की देखभाल

आंवले के पौधे के लिए बड़ा और गहरा गमला सबसे उपयुक्त है। मिट्टी में गोबर की खाद, वर्मीकंपोस्ट और एनपीके उर्वरक डालें। समय-समय पर पौधे को पानी और पोषण दें। पौधे की पत्तियों को हल्का काटकर भी नई ग्रोथ को बढ़ावा दिया जा सकता है। सूर्य की रोशनी और उचित नमी पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए जरूरी हैं।

घर पर आंवला उगाना न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि यह आपके घर को हरा-भरा और सुंदर भी बनाता है। सही देखभाल और धैर्य के साथ, आप कुछ सालों में अपने आंगन या छत पर ताजे और पौष्टिक आंवले का आनंद ले सकते हैं।

Prev Article
चावल, रोटी, पराठा, नान — आलू भाजी के साथ सब कुछ खाया जा सकता है, बस बनानी होगी दक्षिण भारतीय अंदाज में
Next Article
ठंड कम हो रही है, अलमारी में रखने से पहले इस तरह रखें सर्दियों के कपड़ों का ध्यान

Articles you may like: