🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

"नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा व एपस्टीन फ़ाइलों के मुद्दे पर बोलने नहीं दे रहे हैं पीएम मोदी क्योंकि वे डरते हैं": राहुल

राहुल गांधी ने कहा, “इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया।”

By डॉ. अभिज्ञात

Feb 03, 2026 20:51 IST

नई दिल्लीः कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उन्हें संसद में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा और एपस्टीन फ़ाइलों के मुद्दे पर बोलने नहीं दे रहे हैं क्योंकि वे डरते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री “समझौता कर चुके हैं” और इस समय “अत्यधिक दबाव” में हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, “पीएम मोदी समझौता कर चुके हैं। पीएम नरवणे, एपस्टीन फ़ाइलों और टैरिफ़ पर उनके आत्मसमर्पण के बारे में संसद में मुझे बोलने देने से बहुत डरते हैं।”

वहीं, पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि वे तीन बातें साफ़ करना चाहते हैं। पहली बात यह है कि वे मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं। मोदी घबराए हुए हैं। राहुल ने यह भी दावा किया कि एक व्यापार समझौता, जो चार महीनों से अटका हुआ था, हाल ही में साइन किया गया। मोदी ने वह समझौता कल शाम साइन किया।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री पर बहुत ज़्यादा दबाव है और उनकी वह छवि, जिसे हज़ारों करोड़ रुपये खर्च करके बनायी गयी है वह टूट सकती है। मुद्दा नरवणे का बयान नहीं है। यह सिर्फ़ एक दिखावा है। असली मुद्दा यह है कि हमारे प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं। देश की जनता को यह सोचना चाहिए कि यह समझौता किसने और कैसे कराया।

राहुल गांधी ने कहा, “इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया।

"व्यापार समझौते में नरेंद्र मोदी ने देश को बेच दिया है"

अपने आरोपों को दोहराते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उस व्यापार समझौते से देश के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँचा है। इस व्यापार समझौते में नरेंद्र मोदी ने देश को बेच दिया है। प्रधानमंत्री इसलिए भी डरे हुए हैं क्योंकि जिन लोगों ने उनकी छवि बनाई थी, वही अब उसे नुकसान पहुँचा रहे हैं। अमेरिका में अडानी के ख़िलाफ़ मामला है। दूसरा दबाव एपस्टीन फ़ाइलों का है। आगे और भी बातें सामने आ सकती हैं, जिन्हें देश जानना चाहता है। ये दोनों बड़े दबाव के बिंदु हैं।

इससे पहले, लोकसभा में हंगामे के बाद आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र के शेष भाग के लिए निलंबित कर दिया गया। इन पर सदन के नियमों का उल्लंघन करने और अध्यक्ष के आसन की ओर काग़ज़ फेंकने का आरोप है। यह हंगामा तब हुआ जब राहुल गांधी 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ हुए गतिरोध का एक विशेष संदर्भ उठाने पर अड़े रहे। दिन में दो बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे फिर शुरू हुई। राहुल ने कहा कि वे पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा पर आधारित किसी पत्रिका लेख का उल्लेख नहीं करेंगे, लेकिन कैलाश रेंज में चीन की कार्रवाई और उस पर सरकार की प्रतिक्रिया पर बोलेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी अप्रकाशित आत्मकथा या उस पर आधारित पत्रिका लेख से उद्धरण देने की अनुमति नहीं है।

Prev Article
सरकार ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर संसद की जगह प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी जानकारीः जानें क्यों?
Next Article
‘मुझे पास अटल प्रमाण है...’, आयोग की प्रणाली में बड़ी ‘त्रुटि’ उजागर करते हुए अभिषेक का सनसनीखेज आरोप

Articles you may like: