नई दिल्ली : दिल्ली विस्फोट के बाद आंतरिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। खुफिया विफलता को लेकर विपक्ष ने भी तीखी आलोचना की थी। 2026–27 वित्त वर्ष के बजट में आंतरिक सुरक्षा से लेकर पुलिस और एजेंसियों के आधुनिकीकरण और सीमा पर निगरानी पर जोर दिया गया है। संबंधित एजेंसियों, सशस्त्र बलों और सीमा सुरक्षा बलों का बजट बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप का बजट 499.99 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कम है। हालांकि कुल बजट में केंद्र शासित प्रदेशों के बजट को शामिल करने पर, गृह मंत्रालय का कुल वित्तीय आवंटन बढ़कर 2,55,233.53 करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले वर्ष के बजट की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को 1,73,802.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, एनएसजी और सीआईएसएफ शामिल हैं। केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू और कश्मीर को सबसे अधिक बजट मिला — 43,290.29 करोड़ रुपये। दिल्ली के लिए 1,348 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। बीएसएफ के लिए 29,567.64 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। खुफिया ब्यूरो के लिए 6,782.43 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।