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सरकार ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर संसद की जगह प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी जानकारीः जानें क्यों?

सरकार इस समझौते पर संसद में बयान देना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के रवैये की वजह से ऐसा नहीं हो सका: पीयूष गोयल

By डॉ. अभिज्ञात

Feb 03, 2026 18:32 IST

नयी दिल्लीः भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के एक दिन बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है। यह समझौता भारत को अपने सभी पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अब तक मिला सबसे अच्छा व्यापारिक सौदा है। इस समझौते में भारत के हितों को सबसे ऊपर रखा गया है।

गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने अच्छे और करीबी रिश्तों का इस्तेमाल करते हुए यह समझौता तय किया है। उनके मुताबिक, यह डील भारत के लिए बेहद फायदेमंद है और इससे देश को बहुत लाभ होगा।

गोयल ने कहा कि सरकार इस समझौते पर संसद में बयान देना चाहती थी लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के रवैये की वजह से ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष, खासकर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और उनके सहयोगी दल डीएमके, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बहुत ही अशोभनीय व्यवहार किया। विपक्षी सांसद स्पीकर के आसन तक पहुंच गए और उनका अपमान किया। इसी कारण सरकार को संसद की जगह प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लोगों को जानकारी देनी पड़ी।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता दो बड़े लोकतांत्रिक देशों-भारत और अमेरिका को एक साथ काम करने का मौका देता है, जिससे दोनों देशों के लोगों की साझा समृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि इस समझौते से किसानों, एमएसएमई यानी छोटे और मध्यम उद्योगों, उद्यमियों और कुशल कामगारों के लिए अभूतपूर्व अवसर खुलेंगे।

उन्होंने कहा कि इस समझौते से “मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड”, “डिज़ाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” और “इननोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत को अमेरिका से आधुनिक तकनीक मिलने में मदद मिलेगी, जिससे भारत की “विकसित भारत 2047” की यात्रा तेज़ होगी। गोयल ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि भारत–अमेरिका संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ है।

X पर पोस्ट करते हुए गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना की और इस समझौते को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता समान सोच वाले दो लोकतंत्रों की ताकत को दर्शाता है, जो निष्पक्ष व्यापार और साझा समृद्धि के लिए साथ काम कर रहे हैं।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अपने “प्रिय मित्र” ट्रंप से बात करके उन्हें खुशी हुई और यह जानकर वह प्रसन्न हैं कि अब “मेड इन इंडिया” उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत रह गया है। प्रधानमंत्री ने इस फैसले के लिए ट्रंप का भारत की 1.4 अरब आबादी की ओर से धन्यवाद भी किया।

उल्लेखनीय है कि यह भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब भारत ने एक सप्ताह पहले ही यूरोपीय संघ के साथ भी एक अहम मुक्त व्यापार समझौता पूरा किया है। 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ ने एफटीए पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी, जिसे भारत की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक आर्थिक साझेदारियों में से एक माना जा रहा है।

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