नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने मंगलवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत “अब सिर्फ़ एक बाज़ार बनकर रह गया है।” यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत भारत रूसी तेल की खरीद बंद कर सकता है।
औजला की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब रूसी तेल आयात छोड़ने की अटकलों को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। इस दौरान कांग्रेस सांसद औजला समेत विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया।
ANI से बातचीत में औजला ने भारत के वेनेज़ुएला और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश को केवल एक बाज़ार की तरह चला रही है। उन्होंने कहा, “उनसे सामान खरीदना ज़रूरी है, अब हम रूस जैसे पुराने दोस्त को छोड़कर वेनेज़ुएला से तेल खरीदेंगे… यही वह संसद है जहां प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वे टैरिफ पर चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि इससे किसानों की आजीविका पर असर पड़ेगा और तब सभी ने तालियां बजाई थीं। आज किसानों की वही चिंता कहां चली गई?… अब यह देश सिर्फ़ एक बाज़ार बनकर रह गया है।”
औजला ने संसद में राहुल गांधी के बयान को लेकर सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों को उठाना विपक्ष की ज़िम्मेदारी है और सरकार को उन पर जवाब देना चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में भारत में चीन की मौजूदगी, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और राष्ट्रीय नीतियों को लेकर चिंता जताई, जिसके बाद सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विपक्षी सांसद अहम मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे थे, जबकि सत्ता पक्ष ने प्रक्रिया संबंधी आपत्तियां उठाईं। इसके परिणामस्वरूप कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला सहित विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया।
औजला ने कहा, “पूरे देश से जुड़े मुद्दे उठाना विपक्ष का कर्तव्य है, संसद इसी के लिए होती है और सरकार को आकर जवाब देना चाहिए। लेकिन कल से वे कह रहे हैं कि आप किसी किताब का हवाला नहीं दे सकते… चीन देश में प्रवेश कर चुका है, चीनी सामान बाज़ारों में भर गया है और अब अमेरिका के साथ भी वही किया जा रहा है।”
यह विवाद भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर है, जिसके तहत भारतीय निर्यात पर शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही गई है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इस समझौते के भारतीय कृषि क्षेत्र और ऊर्जा आयात पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है, खासकर रूसी तेल की संभावित खरीद रोकने को लेकर।
हंगामे के दौरान कुछ सांसदों को काग़ज़ उछालते हुए भी देखा गया। सदन को दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे भाजपा सांसद दिलीप सैकिया ने विपक्ष के आठ सांसदों का नाम लेकर उन्हें शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया।