डंठल, पत्ते और फूल—सहजन के मामले में स्वादप्रिय बंगाली कुछ भी नहीं छोड़ते। यह सब्जी न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि रोग प्रतिरोधक गुणों से भी भरपूर है। सहजन में मौजूद फॉस्फोरस हड्डियों की मजबूती बढ़ाता है, रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है, एनीमिया से बचाव करता है और हृदय रोग के खतरे को भी कम करता है। वसंत ऋतु में बीमारियों से बचने के लिए रोज खाने में सहजन की डंडी या फूल शामिल किए जा सकते हैं। अगर आप इससे कोई शाकाहारी डिश बनाना चाहते हैं, तो बाटीचच्चड़ी एक बेहतरीन विकल्प है।
सामग्री :-
सहजन के फूल – 100 ग्राम
हरी मटर – 1 कप
आलू – 2
टमाटर – 1
हरी मिर्च – 3
अदरक का पेस्ट – आधा चम्मच
सरसों का पेस्ट – 1 चम्मच
हल्दी पाउडर – आधा चम्मच
सरसों का तेल – 4 चम्मच
पंच फोड़न – आधा चम्मच
नमक और चीनी – स्वादानुसार
बनाने की विधि :-
सबसे पहले सहजन के फूल अच्छी तरह साफ कर गर्म पानी में भिगो दें।
फिर पानी से छानकर फूल निकाल लें।
कढ़ाही में तेल गर्म करें और उसमें पंच फोड़न व हरी मिर्च डालें।
अब बारीक कटे आलू डालकर हल्का भून लें।
आलू भुन जाने पर अदरक का पेस्ट, टमाटर और मटर डालें।
नमक, चीनी और हल्दी डालकर अच्छी तरह चलाएं।
हल्दी की कच्ची महक खत्म होने पर सहजन के फूल डालकर सब कुछ अच्छे से भून लें। जरूरत हो तो थोड़ा पानी डाल सकते हैं।
पांच मिनट बाद ढक्कन खोलें और ऊपर से सरसों का पेस्ट डालें।
अंत में ऊपर से सरसों का तेल डालकर आंच बंद कर दें।
गरम चावल के साथ सहजन के फूल की सब्जी परोसें।