गुवाहाटी : असम कांग्रेस ने मंगलवार को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनके परिवार द्वारा कथित तौर पर 3,900 एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया। राज्य के सभी जिला कांग्रेस समितियों ने अपने-अपने जिला मुख्यालयों में इस प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया।
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने कहा कि हमारी मांग बहुत सरल है। मुख्यमंत्री को इतनी संपत्ति जमा करने के मामले में स्पष्ट होना चाहिए। वह दावा करते हैं कि यह संपत्ति कानूनी तरीके से अर्जित की गई है। अगर ऐसा है तो उन्हें इसे असम के लोगों के सामने स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरमा के खिलाफ प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक वे इतनी बड़ी भूमि के अधिग्रहण का स्रोत स्पष्ट नहीं कर देते।
बोरा ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री ने आधिकारिक ताकत का इस्तेमाल कर यह भूमि हासिल की, और असम में उन्होंने कितनी और संपत्ति अर्जित की है। हमें इस असामान्य संपत्ति का पूरा हिसाब चाहिए। दिन की शुरुआत में ही सरमा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को दुष्प्रचार करार देते हुए कहा कि उन्होंने इसके खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि मामला दायर किया है।
4 फरवरी को असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगई ने कहा था कि पार्टी ने एक जांच की, जिससे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री और उनका परिवार असम के विभिन्न हिस्सों में लगभग 12,000 जमीन के टुकड़े यानी कुल मिलाकर 3,960 एकड़ से ज्यादा भूमि पर कब्ज़ा कर चुके हैं।