हरदोई: वंदे भारत एक्सप्रेस में पत्थर फेंके गए। उसी ट्रेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे। हालांकि उन्हें कोई चोट नहीं लगी। पत्थर लगने से ट्रेन की खिड़कियों के शीशे टूट गए। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई में इस घटना से हड़कंप मच गया। रेलवे प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और ट्रेन की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है।
लखनऊ-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस से मोहन भागवत मेरठ जा रहे थे। दोपहर में ट्रेन हरदोई जिले के कौधा गांव के पास से गुजर रही थी। आरोप है कि कुछ किशोरों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस घटना में ट्रेन के सी-4 कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। हालांकि भागवत सुरक्षित रहे। रात करीब 9 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच वह मेरठ स्टेशन पहुंचे।
घटना की जांच आरपीएफ ने शुरू कर दी है। मेरठ के सर्कल ऑफिसर सिटी अंकित मिश्रा ने वंदे भारत पर पथराव की पुष्टि की। उनके अनुसार रेल लाइन के किनारे कुछ बच्चे खेल रहे थे और अचानक पत्थर फेंकने लगे। बच्चों की उम्र 8 से 13 वर्ष के बीच बताई गई है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अब तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है।
गुरुवार रात भागवत मेरठ से शताब्दी नगर स्थित माधव कुंज पहुंचे और वहीं ठहरे। उन्हें दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में भाग लेना है, जहां बुद्धिजीवियों और खिलाड़ियों से उनकी बैठक प्रस्तावित है। इससे पहले मुंबई में भी वंदे भारत एक्सप्रेस दुर्घटना का शिकार हुई थी। महाराष्ट्र में कुडल और सिंधुदुर्ग स्टेशनों के बीच ट्रेन की टक्कर मवेशियों से हो गई थी, जिससे ओवरहेड उपकरण को नुकसान पहुंचा और करीब तीन घंटे रेल सेवा बाधित रही। हरदोई की घटना में बड़ा हादसा टल गया लेकिन वीआईपी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।