लखनऊ : मिट्टी के बर्तन और कुल्हड़ बनाकर ही उनका गुजारा चलता है। दिनभर कड़ी मेहनत के बाद जो थोड़ी-बहुत कमाई होती है, उसी से किसी तरह परिवार चलता है। अब उत्तर प्रदेश के उस कुम्हार के सिर पर चिंता छा गई है, क्योंकि उनके नाम पर करोड़ों रुपये का जीएसटी नोटिस आया है। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें।
यह नोटिस उत्तर प्रदेश के रायबरेली इलाके के मोहम्मद सईद को मिला है। रायबरेली के हरचंदपुर के निवासी यह कुम्हार मिट्टी के सामान बेचकर किसी तरह पांच लोगों का परिवार चलाते हैं। उनके नाम पर 1 करोड़ 25 लाख रुपये का जीएसटी नोटिस आया है। उन्हें तुरंत यह राशि जमा करने के लिए कहा गया है।
उस कुम्हार को शक है कि उनके पैन (PAN) और आधार (Aadhaar) कार्ड का दुरुपयोग किया गया है। उनके नाम और दस्तावेजों का उपयोग कर किसी ने कंपनी खोल ली है। जानकारी मिली है कि पटना से संचालित चार कंपनियों से उनका संबंध दिखाया गया है।
हालांकि वह पहले ही रायबरेली के जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुके हैं और उचित कार्रवाई की मांग की है। लेकिन अभी तक उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला है।
कुम्हार ने कहा कि हम गरीब लोग हैं। मिट्टी के बर्तन और कुल्हड़ बेचकर जो कमाई होती है, उसी से घर चलता है। अगर किसी दुकान पर 100 कुल्हड़ बेच पाता हूं तो मुझे 10 से 20 रुपये की कमाई होती है। उन्होंने सवाल किया कि 2 रुपये की मिट्टी की चीजें बेचकर वह इतनी बड़ी रकम कैसे चुकाएंगे।
मोहम्मद सईद ने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने ऋण के लिए आवेदन किया था। तब गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें पैन और आधार कार्ड बनवाने में मदद की थी। हालांकि, उन्हें ऋण नहीं मिला और उन्होंने अपने ये महत्वपूर्ण दस्तावेज खो दिए। उन्हें शक है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी कागजात तैयार किए गए हैं।
जानकारी मिली है कि करीब छह महीने पहले उनके पास पहला नोटिस आया था, लेकिन पढ़ना-लिखना न जानने के कारण वह समझ नहीं पाए। इसके बाद 15 फरवरी को दूसरा नोटिस आया। तब उन्होंने गांव के एक व्यक्ति को वह दिखाया और उसी से उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। उन्हें उम्मीद है कि अधिकारी जांच कर ठगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।