लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने उन खबरों को पूरी तरह गलत और झूठा बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किसी गठबंधन में लड़ेगी। उन्होंने साफ कहा कि बसपा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी।
प्रेस वार्ता में मायावती ने आरोप लगाया कि ऐसी खबरें लोगों को गुमराह करने के लिए फैलाई जा रही हैं और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बातें हैं। राजनीतिक दलों और मीडिया को इस तरह की अटकलों से बचना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में हो रहे एआई समिट पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि देश और लोकतंत्र के असली मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय आजकल एआई को सफलता की कुंजी बताया जा रहा है। इसी माहौल में बसपा के गठबंधन की झूठी बातें फैलाई जा रही हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मायावती ने याद दिलाया कि 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित रैली में उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। इसके बाद भी कुछ लोग और मीडिया के हिस्से गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों की सोच संकीर्ण है और वे डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा के खिलाफ हैं। बसपा के साथ गठबंधन की बातें केवल चुनावी स्वार्थ से प्रेरित हैं।
मायावती ने कहा कि गठबंधन की राजनीति से पहले बसपा को नुकसान हुआ है इसलिए पार्टी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ 2027 का चुनाव अकेले लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि विरोधियों की साजिशों से भ्रमित न हों और 2007 की तरह पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का लक्ष्य रखें। दिल्ली में उन्हें टाइप-8 बंगला आवंटित किए जाने पर उठे विवाद पर भी उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और सुरक्षा खतरे को देखते हुए उन्हें पहले भी ऐसा आवास मिलता रहा है। इस मुद्दे पर संकीर्ण राजनीति नहीं होनी चाहिए।