लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में समाजवादी पार्टी (सपा) को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यदि सपा विभाजनकारी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया जारी रखती है तो उसका भी हाल कांग्रेस जैसा हो सकता है और वह सदन में अपना प्रतिनिधित्व खो सकती है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पहले ही विधान परिषद से बाहर हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश “राम राज्य” की भावना के साथ नई पहचान बना रहा है। उनके अनुसार राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है, अपराधियों में भय है, गरीबों को सम्मान मिल रहा है, किसान समृद्ध हो रहे हैं, महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा है और युवाओं को अवसर दिए जा रहे हैं। सरकार ने 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है और बजट इसी सोच के साथ पेश किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा न तो बजट पर सकारात्मक चर्चा कर पा रही है और न ही संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान कर रही है। चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह आयोग की प्रक्रिया है। इस दौरान 2.88 करोड़ से अधिक नाम अनुपस्थित, मृत या स्थानांतरित पाए गए। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं पर बूथ अधिकारियों से दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया।
विकास कार्यों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर में लागत बढ़ने और परियोजना अधूरी रहने का मुद्दा उठाया। साथ ही गोमती रिवरफ्रंट और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर नियमों के तहत पूरा कराया।