कोलकाताः कोलकाता के आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज (RG Kar Hospital) में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई महिला डॉक्टर के माता-पिता ने उस मामले में संदिग्धों की कस्टडी के लिए एक याचिका फाइल की है। उन्होंने मंगलवार को कोर्ट में अर्जी दी जिसमें कोलकाता पुलिस के एक ASI और पीड़िता के साथ मौजूद मेडिकल स्टूडेंट्स की कस्टडी मांगी गई। इस दिन उन्होंने जज को 12 पेज की एप्लीकेशन दी जिसमें नौ बातें बताई गईं।
पीड़िता के वकील अर्मत्य दे और राजदीप हलदर ने कहा, "लास्ट सीन एक साथ होने की थ्योरी के हिसाब से, 8 अगस्त की रात को पीड़िता के साथ आखिरी बार मौजूद चार डॉक्टरों को पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद क्यों छोड़ा गया? उन्हें कस्टडी में लेने की जरूरत है। कोलकाता पुलिस के एक ASI जिसकी छत्रछाया में संंजय रॉय रहते थे। उसकी संदिग्ध भूमिका के बावजूद भी उसे क्यों छोड़ा गया? इसके अलावा, मौके की वीडियोग्राफी अधूरी है। CBI ने ऐसा करने वालों को क्यों जाने दिया?"
पीड़िता के वकील ने यह भी कहा, 'CBI ने कहा था कि मौके पर कई लोगों के आने से जानकारी और सबूत नष्ट हो गए। फिर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?' इस दिन पीड़िता के माता-पिता ने कहा, 'लड़की को प्रताड़िता करने वाले सभी लोगों को सजा मिलनी चाहिए।' इस केस की सुनवाई गुरुवार को होगी।
इस बीच, RG कर हॉस्पिटल करप्शन केस में पूर्व डिप्टी सुपरिटेंडेंट अख्तर अली और बिजनेसमैन शशिकांत चांडक के खिलाफ 25 फरवरी को चार्ज फ्रेम किए जाएंगे। अलीपुर CBI स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को यह ऑर्डर दिया था। उस दिन अख्तर की तरफ से कोर्ट में कोई बेल एप्लीकेशन फाइल नहीं की गई थी। हालांकि, पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के वकील संजय दासगुप्ता ने कहा, 'CBI ने अख्तर के खिलाफ जो सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की है, वह फाइनल नहीं है। उसमें यह मेंशन किया गया है कि आने वाले दिनों में जांच फिर से शुरू की जा सकती है।' सभी पार्टियों की दलीलें सुनने के बाद जज ने 25 फरवरी को अख्तर और चांडक के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने का ऑर्डर दिया।