कोलकाताः पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में मंगलवार को बड़ा निर्णय सामने आया। नबान्न में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee Cabinet Meeting) ने प्रेस से बातचीत में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें सबसे अहम फैसला WBCS अधिकारियों की प्रोबेशन और पदोन्नति व्यवस्था में बदलाव को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने इसे “ऐतिहासिक दिन” करार दिया।
क्या बदला? जानिए पूरा नया नियम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब WBCS अधिकारियों को दो वर्ष की अनिवार्य प्रोबेशन अवधि पूरी करनी होगी। इसके बाद उन्हें तीन वर्ष तक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) के रूप में सेवा देनी होगी। तीन साल BDO पद पर कार्य करने के बाद ही वे सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) पद पर पदोन्नत किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के शब्दों में, “WBCS में जो अधिकारी हैं, वे दो साल प्रोबेशन पर रहेंगे। तीन साल BDO रहने के बाद वे SDO बनेंगे। आज का दिन ऐतिहासिक है।”
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अधिकारियों को जमीनी प्रशासन का बेहतर अनुभव मिलेगा और उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने से पहले वे विकास योजनाओं और ब्लॉक स्तर की चुनौतियों को समझ सकेंगे।
46 विभागों के लिए कमिटी का गठन
कैबिनेट बैठक में 46 विभागों को चिन्हित कर एक कमेटी बनाने का निर्णय भी लिया गया। यह कमेटी ग्रुप A स्तर के उन अधिकारियों के प्रमोशन पर विचार करेगी जो समान स्तर पर कार्यरत हैं। बावजूद इसके जिन्हें समय पर पदोन्नति नहीं मिलती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई अधिकारी अपने करियर की शुरुआत जिस पद से करते हैं, उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत सभी कैडर को प्रमोशन का अवसर मिलेगा।
पुलिस विभाग में नये पद
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पुलिस विभाग में भी कई नए पद सृजित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि WBPS में पहले से ही दो वर्ष की प्रोबेशन के बाद स्थायी नियुक्ति का नियम है। अब WBCS में भी उसी तरह की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे प्रशासनिक ढांचे में समानता बनी रहे।
उद्योगों को जमीन देने का फैसला
मंत्रिमंडल की बैठक में कई उद्योगों को जमीन देने का भी निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह फैसला प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य पारदर्शी, जवाबदेह और अनुभव-आधारित प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है, जिससे राज्य के विकास को गति मिल सके।