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कफ सिरप जमा करने को लेकर राज्य में नहीं है कानून, बड़ी मात्रा में सिरप रखने के बावजूद दुकानदार को जमानत

हाई कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी कोई गाइडलाइन होती तो नगद और खुदरा विक्रेता को भारी मात्रा में कफ सिरप जमा करने से रोका जा सकता था।

By Amit Chakraborty, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 17, 2026 14:25 IST

भारी मात्रा में कफ सिरप रखने के आरोप में गिरफ्तार हुए एक दवा दुकान के मालिक की जमानत को कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने मंजूर कर लिया है। न्यायाधीश तीर्थंकर घोष ने जमानत मंजूर करते हुए कहा कि एक विक्रेता अपने पास कितना कफ सिरप जमा रख सकता है, इस बारे में राज्य सरकार कोई निर्धारित विज्ञप्ति अथवा सर्कुलर पेश नहीं कर पायी है।

अगर ऐसी कोई गाइडलाइन होती तो नगद और खुदरा विक्रेता को भारी मात्रा में कफ सिरप जमा करने से रोका जा सकता था।

अदालत का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कोडिन वाले कफ सिरप को जमा रखने के मामले में अधिकतम सीमा निर्धारित की हुई है। वहां फूड एंड सेफ्टी ड्रग एडमिनिट्रेशन के ऑफिस से आदेश जारी कर कहा गया है कि थोक व्यवसायियों के लिए 100 मिलीग्राम के 1000 बोतल और खुदरा व्यवसायियों के लिए 100 मिलीग्राम के 100 बोतल रखने की सीमा बंधी हुई है।

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा है कि लेकिन राज्य सरकार का वकील ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाया जिसमें लिखा हो कि पश्चिम बंगाल में ऐसी कोई सीमा निर्धारित है!

पिछले साल अप्रैल में हावड़ा में एक दवा की दुकान से 158.8 लीटर कोडिन-मिश्रित फेनसिडिल कफ सिरप और ट्रैमाडॉल मिश्रित कैप्सूल के दो पैकेट बरामद किए गए। आरोप है कि कागजात मांगने पर दुकानदार उन्हें दिखाने में असमर्थ रहा। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया और एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया।

जमानत स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि राज्य सिर्फ अवैध सामग्रियों की जब्ती से संबंधित एक मामला ही साबित कर पायी है। लेकिन बरामद हुए सामान चिकित्सा अथवा वैज्ञानिक उद्देश्य से रखा हुआ था या नहीं - इस बारे में कुछ साबित नहीं कर पायी। एनडीपीएस कानून के मुताबिक लाइसेंस की आड़ में अवैध क्रियाकलाप का अगर पता चलता है तो कानून का प्रयोग करने में कोई बाधा नहीं है।

अदालत ने कहा कि ऐसे मामले में गैरकानूनी संग्रह, विक्रय, हिसाब की कोई एंट्री का न होगा या रजिस्टर रखरखाव में लापरवाही बरतने जैसी घटनाएं हुई है या नहीं, यह दिखाना पड़ेगा।

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