🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

क्या AI सारी नौकरियां ले लेगा? मोदी ने आखिरकार खुलकर बात की, युवाओं को तैयार रहने की दी सलाह

क्या भविष्य में इतना खतरा होगा? क्या AI सारी नौकरियां छीन लेगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर बात की। उन्होंने माना कि कुछ एरिया में चुनौतियां हैं।

By कौशिक भट्टाचार्य, Posted by: श्वेता सिंह

Feb 17, 2026 23:35 IST

नयी दिल्लीः जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुंच बढ़ रही है, कर्मचारियों का डर भी बढ़ रहा है। कई सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू हो चुकी है। तो क्या भविष्य में खतरा है? क्या AI सारी नौकरियां छीन लेगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में AI इंडिया समिट शुरू होने से पहले ANI को दिए एक इंटरव्यू में खुलकर बात की। उन्होंने माना, ‘हां, चुनौतियां हैं।’ लेकिन उनका मानना ​​है कि मौके भी हैं। मोदी के शब्दों में, ‘डर पर काबू पाने का सबसे आसान तरीका तैयारी है।’

इसमें कोई शक नहीं है कि AI की मदद से जॉब मार्केट में बड़ा बदलाव आने वाला है। इसके संकेत भी मिल रहे हैं। चर्चा पहले ही तेज हो चुकी है। खासकर IT सेक्टर में। मोदी कहते हैं, ‘कुछ तरह के काम बदल सकते हैं। हम सभी को मार्केट और डिमांड के हिसाब से खुद को ढालना होगा। युवाओं को उसी हिसाब से तैयार रहना चाहिए। नौकरी के भी कई मौके आएंगे।’ उनका मानना ​​है कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री AI को एक बड़े मौके के तौर पर देखते हैं। एक समय था जब खेती हल से होती थी। फिर ट्रैक्टर आया। उनका मानना ​​है कि यह टेक्नोलॉजी का भी बदलाव है। मोदी के शब्दों में, ‘इतिहास गवाह है, टेक्नोलॉजी ने हमेशा नौकरी के नए मौके बनाए हैं।’ AI पर केंद्र सरकार का नजरिया समझाते हुए उन्होंने कहा, ‘हम इसे समस्या के तौर पर नहीं देखते। बल्कि, हम इसे आज का एक जरूरी काम मानते हैं। यह काम किया जाना है।’ वह AI के दौर को तरक्की के दौर के तौर पर देखते हैं।

मोदी ने यह भी कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में नहीं फंसेगा। उनके शब्दों में, ‘हम नई टेक्नोलॉजी बनाएंगे। यही आत्मनिर्भर भारत का विजन है।’ प्रधानमंत्री भारत को दुनिया की तीन AI सुपरपावर में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘करोड़ों लोग हमारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्षेत्रीय भाषाओं में करेंगे। अरबों डॉलर के स्टार्टअप बनेंगे। बहुत से लोगों को नौकरी मिलेगी।’

मोदी का मानना ​​है कि भले ही कुछ मामलों में AI आम कर्मचारियों से मुकाबला करे, लेकिन आखिरी फैसला लेने की ताकत इंसानों के हाथ में ही रहेगी। उन्होंने कहा, ‘इंसानों का आखिरी फैसला होगा। AI हमें और ताकत देगा। भारत दिखा रहा है कि सिक्योरिटी और इनोवेशन एक साथ चल सकते हैं।’ हालांकि, डिजिटल फ्रॉड, डीपफेक समेत आतंकवादी गतिविधियों में AI के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं हैं। मोदी के शब्दों में, ‘जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बेहतर होगी, हमारी जिम्मेदारी बढ़ेगी।’ केंद्र सरकार इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स लेकर आई है। उसका जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘तीन घंटे के अंदर आपत्तिजनक या AI कंटेंट हटाने के लिए एक कानून बनाया गया है। हमारा मकसद बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पक्का करना है।’

Prev Article
मैक्रों की चौथी भारत यात्रा: मुंबई में मोदी और मैक्रों के बीच प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता
Next Article
जम्मू से भागे 2 पाकिस्तानी कैदी पंजाब में पकड़े गए! जुवेनाइल होम में आतंकियों के कनेक्शन?

Articles you may like: