ओस्लो: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचीं। हवाई अड्डे पर नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गांग्टे ने उनका स्वागत किया।
इस यात्रा के दौरान वित्त मंत्री नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर से शिष्टाचार भेंट करेंगी। इसके अलावा वह नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोलस्टेनबर्ग तथा व्यापार और उद्योग मंत्री सेसिली मायर्सेथ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इन बैठकों का उद्देश्य भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक तथा वित्तीय सहयोग को और सशक्त बनाना है।
नये उद्यमों के प्रतिनिधियों से मुलाकात
अपने कार्यक्रम के अंतर्गत सीतारमण ओस्लो साइंस पार्क का भी दौरा करेंगी, जहां वह नए उद्यमों से जुड़े प्रतिनिधियों से मिलेंगी। इस दौरान नवाचार, उद्यमिता और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
वित्त मंत्री नॉर्वे के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ एक गोलमेज बैठक में भी भाग लेंगी। इस बैठक का उद्देश्य व्यापार और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाना है। साथ ही वह वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगी।
म्यूनिख सम्मेलन में जलवायु प्रतिबद्धता पर बात
नॉर्वे यात्रा से पहले सीतारमण जर्मनी में आयोजित Munich Security Conference 2026 में शामिल हुई थीं। वहां ‘अस्थिरता की अवस्थाएं: बढ़ती गर्मी के दौर में जलवायु सुरक्षा’ विषय पर आयोजित चर्चा में उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रति भारत की बढ़ती वित्तीय प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि छह वर्ष पहले जलवायु संबंधी कार्यों पर भारत का व्यय सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3.7 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर करीब 5.6 प्रतिशत हो गया है। उनके अनुसार भारत पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अपने संसाधनों से सक्रिय रूप से निवेश कर रहा है और केवल अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर नहीं है।
म्यूनिख में उन्होंने यूरोपीय केंद्रीय बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड से भी मुलाकात की।
भारत-यूरोप संबंधों में सुधार
वित्त मंत्री की यह यात्रा भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक, व्यापारिक, नवाचार तथा जलवायु सहयोग को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे यूरोपीय देशों के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।