नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत जिम्मेदार और सबको साथ लेकर चलने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए प्रतिबद्ध है।
यह समिट ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला बड़ा वैश्विक एआई सम्मेलन है। इसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से ज्यादा वैश्विक एआई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन में नीति-निर्माता, टेक कंपनियां, स्टार्टअप, शोधकर्ता और उद्योग जगत के नेता शामिल हुए हैं। इसका उद्देश्य ‘इंडिया एआई मिशन’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत एआई से जुड़ी चर्चाओं को जमीन पर लागू करना है।
उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और टेक कंपनियों के स्टॉल देखे और उनसे बातचीत की। यहां अलग-अलग क्षेत्रों में एआई के उपयोग को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री 19 फरवरी को उद्घाटन भाषण देंगे। इसमें वे वैश्विक सहयोग बढ़ाने और भरोसेमंद व विकास-केंद्रित एआई पर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की बात करेंगे।
सरकारी बयान के अनुसार, एआई भारत के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। यह सुशासन को मजबूत कर रहा है और ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है।
70,000 वर्ग मीटर में फैला भव्य एक्सपो
यह एक्सपो 10 अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित किया गया है, जो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसमें दुनियाभर की टेक कंपनियां, स्टार्टअप, शोध संस्थान, केंद्र और राज्य सरकारें तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग ले रहे हैं। 13 देशों के पवेलियन भी लगाए गए हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देश शामिल हैं। 300 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल और लाइव डेमो ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ नाम के तीन विषयों पर केंद्रित हैं।
600 से ज्यादा स्टार्टअप की भागीदारी
600 से अधिक स्टार्टअप इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से कई ऐसी एआई तकनीक बना रहे हैं जो बड़े स्तर पर लोगों की मदद कर रही हैं। इस एक्सपो में करीब 2.5 लाख लोगों के आने की उम्मीद है, जिनमें विदेशों से आए प्रतिनिधि भी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान 3,250 से अधिक वक्ताओं और विशेषज्ञों के साथ 500 से ज्यादा सत्र आयोजित किए जाएंगे।
भारत के 12 स्वदेशी एआई मॉडल पेश
‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत 12 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल पेश किए जा रहे हैं। ये मॉडल भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा तैयार किए गए हैं और 22 आधिकारिक भाषाओं के लिए विकसित किए गए हैं।
अनुमान है कि 2027 तक भारत का एआई बाजार 17 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा। 800 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत नवाचार और प्रभाव के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभर रहा है।