किसी भी आम दिन की तरह ही वैलेंटाइंस डे (Valentine's Day) वाले दिन भी कोलकाता के अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर काम हो रहा था। कोई ऑफिस तो कोई घूमने या फिर कोई किसी व्यक्तिगत काम से शहर से बाहर जाने या अपने शहर वापस लौटने के लिए एयरपोर्ट से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। ऐसे समय में तहलका की तरह एक खबर आयी जिसने सबके होश ही उड़ा दिए।
निजी एयरलाइंस कंपनी IndiGo की क्रु की एक सदस्य को कोलकाता से शिलॉन्ग जाने वाली विमान के टॉयलेट में कागज की एक पर्ची मिलती है, जिसमें लिखा है कि विमान को बम से उड़ा दिया जाएगा। विमान में यात्रियों की बोर्डिंग भी शुरू हो चुकी थी। आनन-फानन में यात्रियों को नीचे उतारा गया, विमान को सुरक्षित दूरी पर ले जाकर उसकी तलाशी भी ली गयी। लेकिन क्या बम मिला?
14 फरवरी की शाम को ही डिब्रुगढ़ से कोलकाता आयी IndiGo की ही उड़ान संख्या 6E-6894 के बाथरुम में धमकी भरा संदेश मिलता है। इस बार बाथरुम में शीशे पर लिपस्टिक से यह धमकी लिखी गयी थी। एक बार फिर से सभी यात्रियों को नीचे उतारकर तलाशी लेने का काम शुरू किया गया।
क्या इस बार भी विमान से कोई संदेहास्पद वस्तु बरामद हुई? महज दो दिनों पहले हैदराबाद एयरपोर्ट पर बम की अफवाह से हड़कंप मच गया था। उससे करीब 12 दिनों पहले बेंगलुरु एयरपोर्ट पर IndiGo एयरलाइंस की उड़ान में बम की ऐसी ही धमकी मिली थी जो बाद में अफवाह साबित हुई।
इस तरह से कई मामले मिल जाएंगे जहां एयरपोर्ट अथवा एयरलाइंस कंपनी को बम विस्फोट की धमकी तो मिली लेकिन यह अफवाह अथवा किसी असामाजिक तत्व की शरारत साबित हुई। क्या आप जानते हैं पिछले करीब साढ़े 3 सालों में विभिन्न भारतीय एयरपोर्ट अथवा एयरलाइंस कंपनियों को बम की कितनी धमकियां मिल चुकी हैं?
अब तक कितनी मिली है धमकी?
केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 के मध्य तक विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों को करीब 881 फर्जी धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें सबसे ज्यादा धमकी वर्ष 2024 में मिली थी और सबसे कम वर्ष 2021 में मिली थी। बताया जाता है कि हाल के दिनों में एयरलाइंस कंपनियों को जितनी भी धमकियां मिली हैं उनमें से अधिकांश सोशल मीडिया X पर संदेश के माध्यम से, ई-मेल, फोन आदि माध्यमों से भेजी गयी है।
आंकड़ों पर डाले एक नजर :
केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के हवाले से पिछले कुछ सालों के आंकड़ों की जानकारी दी, जो निम्न हैं -
वर्ष 2022 में विभिन्न एयरलाइंस कंपनी को 13 बम की फर्जी धमकी मिली थी।
वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 71 पर पहुंच गयी।
साल 2024 में एक झटके में बम की फर्जी धमकियों की संख्या कई गुणा बढ़ गयी और उस साल एयरलाइंस कंपनियों को 728 धमकियां मिली थी।
वहीं वर्ष 2025 की जुलाई तक एयरलाइंस कंपनियों को बम से उड़ाने की 69 धमकियां मिली थी।
हालांकि इन धमकियों के मामलों में की गयी कार्रवाईयों अथवा उठाए गए कदमों या गिरफ्तारियों के बारे में अभी तक कोई ब्यौरा नहीं दिया गया लेकिन नागर विमानन मंत्रालय की ओर से हर बार दावा किया जाता है कि इन धमकियों से सख्ती के साथ निपटा जाता है। दावा किया जाता है कि यात्रियों की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाती है।
लेकिन इस तरह की धमकियों की वजह से एयरपोर्ट परिसर व यात्रियों के बीच डर का माहौल फैलने के साथ ही उड़ानों में होने वाला विलंब एक बड़ी समस्या भी बन गया है। जानकारों का मानना है कि इन समस्याओं से सख्ती से निपटने और इसके पीछे मौजूद शरारती तत्वों तक पहुंचकर उन्हें सजा दिलाने का प्रावधान करना होगा, तभी यह समस्या जड़ से मिटेगी।