कालीघाट के हरिश चटर्जी स्ट्रीट में मौजूद है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का निवास स्थान। स्वाभाविक तौर पर उक्त इलाके में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था काफी तेज है। इसके बावजूद कई बार सुरक्षा में सेंध लगाकर संदेहास्पद व्यक्ति इलाके में घुस जाते हैं। कई बार इस तरह की घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसी घटना घटने के बावजूद पुलिस मामले की जांच नहीं करती है।
मुख्यमंत्री व राज्य की पुलिस मंत्री का कहना है कि इन मामलों की जांच में पुलिस लापरवाही बरत रही है। वे इसकी अच्छी तरह से जांच नहीं करते हैं। गौरतलब है कि कई बार मुख्यमंत्री के घर की सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए संदेहास्पद व्यक्तियों के उनके निवास में प्रवेश करने का मामला सामने आ चुका है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को एक इंटरव्यू के दौरान खुद कहा कि कई बार संदेहास्पद व्यक्ति कभी रॉड लेकर तो कभी हथियार लेकर उनके घर के इलाके में घूमते हुए मिले हैं। कई बार इन लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
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उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ही अपरिचित कुछ व्यक्ति कालीघाट रोड पर उनके घर के इलाके के सीसीटीवी कैमरा को घुमा देने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने भले ही कुछ नहीं किया लेकिन मुहल्ले के लड़कों ने उन्हें पकड़ लिया था।
ममता बनर्जी ने कहा कि इन घटनाओं में पकड़े जाने के बाद सभी कहते हैं कि उन्हें साइकियाटिक समस्याएं हैं और पुलिस भी बोल देती है कि वे सभी पागल हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि इन मामलों में पुलिस ने जांच में लापरवाही बरती है। घटनाओं की जांच ही अच्छी तरह से नहीं की गयी है।
ऐसे में स्वाभाविक तौर पर सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री तो खुद ही पुलिस मंत्री हैं। इसके बावजूद पुलिस ने जांच में लापरवाही कैसे बरती? इसका जवाब देते हुए ममता बनर्जी कहती हैं, "मैं अपने मामलों में पुलिस को यह सब कुछ भी नहीं कहा। अपने मामले में किसी से मैं कुछ नहीं कहती हूं।"