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Bengal Election 2026 : चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी का आरोप, कहा- राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश

ऐसा पहली बार हुआ है जब तृणमूल ने SIR के बहाने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का आरोप लगाया।

By Joy Saha, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 17, 2026 10:07 IST

बंगाल में चल रहे SIR को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) के साथ राज्य सरकार का संघर्ष सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच चुका है। राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के सदर ऑफिस में जाकर भी इस मुद्दे पर ममता बनर्जी ने तेज हमला बोला था।

अब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में SIR के नाम पर राष्ट्रपति शासन जारी किया जा रहा है। उनका कहना है कि चुनाव की तारीखों की अभी तक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन इसके करीब 6 माह पहले से ही राज्य प्रशासन पर दखल लेने की कोशिशें की जा रही हैं।

एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में ममता बनर्जी ने कहा, "कभी ऐसा नहीं सुना कि राज्य में चुनाव की घोषणा होने के 6 माह पहले से ही राज्य प्रशासन को नियंत्रित किया जा रहा है। यहां तथाकथित रूप से राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है।"

इससे पहले चुनाव आयोग के मतदाता सूची के मसौदे में 'मृत' मतदाताओं को लेकर दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से भी मुख्यमंत्री मिल चुकी हैं। उनके साथ तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी व अन्य तृणमूल नेता भी मौजूद थे। इसके अलावा SIR को लेकर तृणमूल ने सुप्रीम कोर्ट में जो मामला दायर किया है, उसके पक्ष में मुख्यमंत्री ने खुद ही मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में बहस भी की। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब तृणमूल ने SIR के बहाने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का आरोप लगाया।

ममता बनर्जी ने कहा, "अगर ऐसा नहीं है तो मुख्य सचिव को बुलाकर कह रहे हैं कि दूसरे राज्य की जिम्मेदारी संभालनी होगी! (राज्य की मुख्यसचिव को दूसरे राज्य में पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी देने के लिए प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था।) क्यों? विधाननगर समेत विभिन्न कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर को दूसरे राज्यों में भेजने के लिए दबाव डाला जा रहा है। अगर वह राज्य छोड़कर चले जाएंगे तो विधाननगर की जिम्मेदारी कौन संभालेगा? कौन चुनाव से पहले रुपया और हथियारों को पकड़ेगा?"

मुख्यमंत्री का आरोप है कि जिलाधिकारियों को भी दिल्ली से धमकी मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि विद्युत, पंचायत सचिव व अन्य विभागों के प्रधान सचिव को दिल्ली बुलाया जा रहा है। नाम लिए बगैर उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि चुनाव से पहले ही भाजपा को यहां जीतवा दें।

इस मामले में उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में भाजपा की जीत और विरोधियों की हार का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं निश्चित हूं कि महाराष्ट्र, हरियाणा और यहां तक कि बिहार में भी कांग्रेस गठबंधन नहीं हारी होगी। उन्हें हरवाया गया है।

ममता बनर्जी का आरोप है कि दूसरे राज्यों से खासतौर पर भाजपा शासित त्रिपुरा से तीन-चार आईएएस अधिकारियों को बंगाल भेजा गया है ताकि दिल्ली की हिदायत पर वे काम कर सकें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दिल्ली द्वारा नियुक्त दूसरे राज्यों के अधिकारी SIR के काम में हस्तक्षेप कर रहे हैं।

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