SIR में अनियमितता का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने 7 AERO को नौकरी से सस्पेंड कर दिया है। इस बारे में मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तुगलक कमिशन, सो कॉल्ड टॉर्चर कमिशन। राज्य में 'थ्रेट कल्चर' चलाया जा रहा है।
मंगलवार को नवान्न में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाया, 'AERO को सस्पेंड किए, कारण क्या है? चोर अगर चोरी भी करता है तो पुलिस पूछती है कि चोरी क्यों किया। आप लोगों ने AERO को सस्पेंड कर दिया, उनसे एक बार भी यह नहीं पूछा गया कि अपराध क्या है, गलती क्या हुई है? मैंने कई चुनाव आयोग देखा है। ऐसा तुगलकी फरमान वाला आयोग नहीं देखा। एक राजनैतिक पार्टी इस चुनाव आयोग का संचालन कर रही है।'
उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कि तुगलकी कमिशन पिछले 3-4 महीनों से राज्य के सभी अधिकारों को सीज करते तुगलकी तरीके से दिल्ली के जमींदारों के कहने पर चल रहा है। सोच रहे हैं कुर्सी शायद स्थायी कुर्सी है। अधिकारियों पर, आम लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है।
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जिनको डिमोशन देंगे, उन्हें मैं प्रमोशन दूंगी
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर किसी ने गलती की है तो राज्य को बताया जा सकता था। हम कार्रवाई करने के लिए बाध्य हुए हैं क्योंकि चुनाव आयोग ने कहा था। हर पहलु को देखना होगा लेकिन उन्हें अपना बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया गया। उन्हें सस्पेंड विद इनवेस्टिगेशन किया गया है।
मैं कुछ लोगों को पहचानती हूं, जो दिनरात मेहनत कर रहे हैं। उन्हें कुछ कहने का मौका तक नहीं दिया गया। जांच होगी। वे इलेक्टोरल रोल के अलावा दूसरा काम करेंगे। जिलों में अच्छा काम ही करेंगे। किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी। जिसका डिमोशन करेंगे उनको मैं प्रमोशन दूंगी। सरकार में रहकर सभी प्रतिशोधी रवैया नहीं माना जा सकता है।
चुनाव आयोग 'हिटलर संस्कृति' का वाहक
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग 'हिटलर संस्कृति' का वाहक है। उनका आरोप है कि बिहार में जो दस्तावेज स्वीकार किया जा रहा है उसे बंगाल में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को सुनवाई प्रक्रिया के खत्म होने से पहले ही लॉग-इन को बंद कर दिया गया है। उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करने का भी आरोप लगाया।
बिहार में एक नीति और बंगाल में अलग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में SIR में जो दस्तावेज मान्य हुआ उसे बंगाल में क्यों नहीं किया गया? बिहार में 'फैमिली रजिस्टर प्रिपेयर्ड बाई स्टेट ऑर लोकल अथॉरिटी' स्वीकृत है तो बंगाल में क्यों नहीं? और 14 फरवरी की शाम को 3 बजे लॉग-इन को क्यों बंद कर दिया गया? वहां लाखों लोगों का नाम था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी अवमानना की गयी। कितनी हिम्मत हो गयी है, जरा सोचिए। पूरी तरह से थ्रेट कल्चर चल रहा है।
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ममता बनर्जी ने आगे कहा कि AI-की मदद से 'एक भाजपा कन्या' आईटी सेल के माध्यम से 58 लाख मतदाताओं का नाम हटाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इसमें बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं का नाम ही हटाया गया है। उन्होंने कहा कि फाइनल लिस्ट को खोलकर देखेंगे तो काफी लोगों का नाम नहीं होगा। यह पूरा दो नंबरी चल रहा है। बंगाल में फर्जीवाड़ा चल रहा है।
आप 420 हैं तो हम 440 वोल्ट हैं
ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए कहा कि 2026 के बाद यह केंद्रीय सरकार नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, 'काफी घटनाएं घट गयी है, हमने अपना मुंह नहीं खोला।' BLO से लेकर DM, ADM, SP सभी ने जान लगाकर काम किया है। चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए उन्होंने अधिकारियों के साथ खड़े होने की बात कही।
ममता बनर्जी ने कहा कि AERO, DM, ADM, BDO, पुलिस को डराया जा रहा है, उनसे कहूंगी कि सभी कानून का पालन करें। चुनाव आयोग का रुल बुक है, उसे मानकर चलना होगा। आप नाम हटा रहे हैं, हमारे पास आपका इतिहास और भूगोल भी है। अगर आप 420 हैं, तो हम 440 वोल्ट हैं।
'बेटी बचाओ' का रुपया प्रचार लगाया गया
चुनाव आयोग के साथ ही ममता बनर्जी ने भाजपा पर कटाक्ष करने का मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि वोट से पहले वोटबाबु आते हैं। कितने बाईक खरीद कर ला रहे हैं। 'बेटी बचाओ' का रुपया प्रचार में लगा दिया गया है। चुनाव के समय बिहार में 10 हजार रुपया दिया गया और उसके बाद ही बुलडोजर चलाया गया। डबल इंजन की सरकार का सभी राज्यों में एक जैसी ही तस्वीर है।