कोलकाता की सड़कों को 'स्मार्ट' लाइट से जगमगाने के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC) ने विशेष पहल की है। महानगर की सड़कें कब रोशनी से जगमगाएगी और कब रोशनी को बुझा दिया जाएगा, इसे अब केंद्रीयकृत रूप से डिजिटली नियंत्रित करने की व्यवस्था की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अत्याधुनिक इस व्यवस्था के लिए KMC देश की एक प्रमुख कंपनी के साथ हाथ मिलाने वाली है। इसका एक और बड़ा फायदा मिलेगा। अगर महानगर की कोई लाइट खराब हो जाती है तो उसके बारे में कम्प्यूटर की बस एक क्लिक के जरिए ही पता लगाया जा सकेगा।
TOI की मीडिया रिपोर्ट में मेयर परिषद संदीप रंजन बख्शी के हवाले से कहा गया है कि KMC ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) से एक ऐसी व्यवस्था को विकसित करने के लिए कहा गया है जिसे महानगर के सड़कों की लाइट को 4 केंद्रीयकृत लाइटिंग जोन के माध्यम से बांटा जाएगा। एक कंट्रोल रुम भी तैयार किया जाएगा जहां से KMC की लाइटिंग विभाग के अधिकारी सड़कों की लाइट्स के फंक्शनिंग को लेकर निगरानी करेंगे।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे ही महानगर में किसी रास्ते पर लाइट में कोई समस्या नजर आएगी तो विद्युत विभाग के कर्मचारियों को तुरंत जानकारी मिल जाएगी। इससे समस्याओं का समाधान करने की दिशा में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। बख्शी ने कहा कि वर्तमान में हमें उन इलाकों के निवासियों से इस बाबत जानकारी मिलती है, जिसकी वजह से कार्रवाई करने में देर भी होती है।
बताया जाता है कि TCS इंटेलीजेंट IoT वाली स्ट्रीट लाइट सॉल्यूशन इंटेलिजेंट अर्बन एक्सचेंज (IUX) प्लेटफार्म उपलब्ध करवाएगा जिसकी वजह से लगभग 27% तक ऊर्जा की बचत भी होगी। उन्होंने बताया कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो KMC इसे बतौर पायलट परियोजना TCS के साथ मिलकर अलीपुर और कालीघाट में जल्द शुरू करेगी।
इन दो इलाकों में ही नई डिजिटाइज्ड सिस्टम को विकसित किया जाएगा। पायलट परियोजना का जो रिजल्ट होगा, उसके आधार पर ही हम इसे महानगर के बाकी हिस्सों में लागू करने के बारे में फैसला लेंगे।
मेयर परिषद ने बताया कि हमारी पार्टनर एजेंसी ने इस सिस्टम को ही चंडीगढ़ और नोएडा में सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि महानगर के लगभग 3 लाख स्ट्रीट लाइट पोल में से 15000 पोल में किसी भी समय समस्या पैदा हो सकती है। इस वजह से आसपास का पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।
KMC के अधिकारियों ने बताया कि महानगर में ऐसे कई जोन हैं जो डार्क ज़ोन के तौर पर जाने जाते हैं। इनमें प्रमुख हैं - बालीगंज - पिकनिक गार्डन इलाका, पोर्ट इलाका, दमदम-काशीपुर ज़ोन, सियालदह, बीबीडी बाग के कुछ इलाके और ईएम बाईपास का कुछ हिस्सा आदि। KMC सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि केंद्रीयकृत स्ट्रीट लाइट मॉनिटरिंग सेल को 4 ज़ोन - उत्तर-केंद्रीय, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में बनाया जाएगा।