कोलकाता: पिछले पांच वर्षों में कोलकाता नगर निगम द्वारा 11,539 गैरकानूनी निर्माण तोड़े गए हैं।
पूरे महानगर में गैरकानूनी निर्माण की सक्रियता को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच मंगलवार को निगम के बजट सत्र में यह जानकारी मेयर फिरहाद हकीम ने दी।
मंगलवार को बजट सत्र का आखिरी दिन था। शहर में अवैध निर्माण रोकने में नगर निगम बोर्ड की विफलता पर विपक्षी बीजेपी और वामपंथियों ने तीखा प्रहार किया। 23 नंबर वार्ड के बीजेपी पार्षद विजय ओझा ने कहा, 'मेयर कह रहे हैं कि अवैध निर्माण रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं। तो फिर बड़ाबाजार की तस्य गली में सात मंजिला घर कैसे बन गया ? अनुमति किसने दी ?' कोई अधिकारी यह अनुमति देता है तो उसे सजा क्यों नहीं दी जाती, यह जानना चाहते हैं विजय।
उनका आरोप है कि नगर निगम अवैध निर्माण को नियमित करके वैध करार दे रहा है। जवाब देने के दौरान मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, 'पांच साल में साढ़े ग्यारह हजार अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। पिछले दो साल में 850 अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। अवैध निर्माण के संबंध में यदि किसी अधिकारी के खिलाफ निश्चित आरोप लगाए जाते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।'
50 नंबर वार्ड के पार्षद व बीजेपी नेता सजल घोष ने कहा, 'कोलकाता की सड़कों पर दिन तक कचरा पड़ा रहता है। दिन-ब-दिन कचरा हटाने में मजदूरों की संख्या कम हो रही है। नगर निगम नए मजदूरों की भर्ती नहीं कर रहा। गैरक़ानूनी पार्किंग रोकने में भी नगर निगम असफल है। शहर की गलियों में भी गाड़ियां पार्क की जा रही हैं। फुटपाथ पूरी तरह हॉकरों के कब्जे में है, नगर निगम इसे नजरंदाज कर रहा है। कचरा हटाने वाले विभाग के मेयर परिषद के सदस्य देवब्रत मजुमदार ने कहा, 'कचरा हटाने के काम में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, इसलिए कम लोग लग रहे हैं।'
अवैध कार पार्किंग और फुटपाथ पर हाकरों के कब्जे को लेकर संबंधित दोनों विभागों के मेयर परिषद के सदस्य देवाशीष कुमार ने बताया कि कार पार्किंग से नगर निगम की राजस्व आय बढ़ी है और इससे यह साबित होता है कि नगर निगम अवैध कार पार्किंग बंद करने के लिए कदम उठा रहा है। हाकरों के बारे में भी सर्वेक्षण किया गया है। कोलकाता शहर के फुटपाथ पर 54 हजार से अधिक हाकरों की पहचान हुई है। इन सभी को वेंडिंग प्रमाणपत्र नगर निगम देगा। यह वेंडिंग प्रमाणपत्र मिलने के बाद कोलकाता में कोई अवैध हॉकर नहीं रहेगा।