कॉमेडी के लिए मशहूर अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा हो गए हैं। जेल से बाहर आने के बाद वह उत्तर प्रदेश के अपने पैतृक गांव शाहजहांपुर पहुंचे, जहां उन्होंने पीटीआई वीडियो से बातचीत की।
राजपाल ने फिल्म इंडस्ट्री और अपने चाहने वालों का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें लोगों से अपार प्यार मिला। साथ ही उन्होंने एक सुझाव भी दिया कि जेलों के अंदर भी रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की तरह डिज़िग्नेटेड स्मोकिंग एरिया यानी निर्धारित धूम्रपान कक्ष होने चाहिए। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह तंबाकू सेवन को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह कई बार धूम्रपान छोड़ने की कोशिश कर चुके हैं। राजपाल ने यह भी कहा कि जेलों को सुधार केंद्र की तरह काम करना चाहिए, जहां कैदियों को खुद को बदलने का अवसर मिले। लेकिन जो लोग सुधार नहीं करना चाहते, उनके लिए कानून सर्वोपरि है। बाहर से यह समझ पाना मुश्किल होता है कि कौन पक्का अपराधी है और किससे एक बार गलती हुई है।
कानूनी सवालों पर उन्होंने कहा कि उनके वकील भास्कर उपाध्याय आधिकारिक रूप से जवाब देंगे। परिवार में शादी होने की वजह से वह अगले दो दिन मीडिया से बात नहीं करेंगे और बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखेंगे।
राजपाल ने कहा कि उनका जन्म भारत में हुआ है, उन्होंने कभी अपना पासपोर्ट नहीं बदला और वह अपने गांव में मतदाता बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपनी कमाई बढ़ाना चाहता हूं, अपनी मुद्रा नहीं बदलना चाहता।” साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें सहानुभूति नहीं, समय चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी तस्वीरों या वीडियो से किसी को फायदा होता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं। अपने खास अंदाज में उन्होंने कहा, “राजपाल यादव पर हंसिए या राजपाल यादव की वजह से हंसिए।”
मालूम हो कि राजपाल यादव को पिछले हफ्ते जेल भेजा गया था। हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी। उन्हें लगभग 9 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को उनकी सजा 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दी और जेल से रिहा करने की अनुमति दी। यह आदेश न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने तब दिया जब यह सामने आया कि राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता कंपनी के बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने के बाद अभिनेता सोनू सूद और गुरमीत चौधरी तथा संगीतकार राव इंदरजीत यादव ने उनके परिवार को आर्थिक मदद की पेशकश की और अन्य लोगों से भी सहयोग करने की अपील की।
अब सभी की नजर 18 मार्च पर है, जब इस मामले में अगला कानूनी कदम सामने आएगा।