लखनऊ: अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत केवल मुसलमानों, पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों को ही फॉर्म 7 के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर बात करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से समय मांगा है। समय मिलते ही पार्टी का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मुलाकात करेगा। अखिलेश यादव का कहना है कि खास तौर पर वे लोग निशाना बनाए जा रहे हैं जो ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं और नियम-कानून को ठीक से समझ नहीं पाते।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब लोग 3 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। पहले यह अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक तय थी लेकिन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर आयोग ने नियम 12 के तहत समय बढ़ाने का फैसला किया। आयोग ने कहा कि इस फैसले का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिकों को अपनी वोटर लिस्ट में नाम की जांच करने, आपत्ति दर्ज कराने और पात्र मतदाताओं को शामिल कराने का पूरा मौका मिले।