🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

9 लाख मतदाताओं के SIR रिकॉर्ड की समीक्षा शुरू, जिला जजों ने संभाली जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नॉर्थ 24 परगना में SIR दस्तावेजों की समीक्षा शुरू। मध्यमग्राम और बनगांव के ब्लॉकों में लॉजिकल विसंगति वाले दस्तावेजों की जांच होगी।

By अर्घ्य नस्कर, Posted by: श्वेता सिंह

Feb 25, 2026 13:46 IST

उत्तर 24 परगनाः सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तर 24 परगना में मतदाता रिकॉर्ड (SIR) की समीक्षा प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को बारासात जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में न्यायाधीशों ने वर्चुअल बैठक की और मंगलवार से ब्लॉक स्तर पर दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई। इस प्रक्रिया का मकसद उन मतदाताओं के रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित करना है, जिनमें किसी न किसी तरह की विसंगति पाई गई थी।

मंगलवार को बारासात-2 ब्लॉक के बीडीओ कार्यालय में मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच हुई, जिनमें लॉजिकल विसंगति पाई गई। इस दौरान अतिरिक्त जिला जज भी मौजूद रहे। बनगांव में भी समीक्षा कार्य हुआ। बनगांव उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के दस्तावेज एसडीओ कार्यालय में जांचे गए, जबकि दक्षिण क्षेत्र की फाइलें बीडीओ कार्यालय में देखी गईं।

जिला प्रशासन के अनुसार, उत्तर 24 परगना में 9 लाख से अधिक मतदाताओं के दस्तावेजों को दोबारा जांचने की सिफारिश की गई है। माइक्रो ऑब्जर्वरों की रिपोर्ट में 5,44,506 मतदाताओं के रिकॉर्ड की पुनः समीक्षा की अनुशंसा की गई है, वहीं रोल ऑब्जर्वरों के निरीक्षण में 3,63,531 मतदाताओं के दस्तावेज समीक्षा के दायरे में आए हैं। इस तरह कुल संख्या 9 लाख से अधिक हो गई है।

तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि माइक्रो ऑब्जर्वर विशेष रूप से अल्पसंख्यक बहुल इलाकों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। पार्टी का कहना है कि जिन ब्लॉकों और विधानसभा क्षेत्रों में अल्पसंख्यक आबादी अधिक है, वहां रिव्यू की संख्या भी ज्यादा है। जिला प्रशासन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह कदम केवल डेटा में पाई गई विसंगतियों के आधार पर उठाया गया है।

मतदाताओं के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या सभी को दोबारा सुनवाई का सामना करना पड़ेगा। न्यायाधीशों की समीक्षा प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि कितनों के दस्तावेज वैध रहेंगे। कितनों को सुधार का निर्देश मिलेगा और कितनों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। आने वाले हफ्तों में इस प्रक्रिया के नतीजे जिले के मतदाता रिकॉर्ड की शुद्धता तय करेंगे।

Prev Article
अटलांटिक महासागर में गायब हुआ बंगाल का युवक, आसमान खा गयी या समुद्र निगल गया!

Articles you may like: