🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

‘अगर मैं न होता तो प्रधानमंत्री शरीफ मारे जाते’, भारत-पाक युद्धविराम पर ट्रंप का नया दावा

भारत-पाक युद्ध विराम पर फिर मुखर हुए अमेरिका के राष्ट्रपति

By एलिना दत्त, Posted by डॉ.अभिज्ञात

Feb 25, 2026 12:00 IST

वाशिंगटनः अगर मैं न होता तो आज इस्लामाबाद की धरती पर सांस भी नहीं ले पाते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाक युद्ध रोकने का श्रेय लेते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया दावा किया है। बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस में वार्षिक ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर खुद को ‘शांति दूत’ बताया।

पिछले 9 महीनों में कम से कम 80 से अधिक बार ट्रंप यह दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के मुख्य सूत्रधार वही थे। कभी उनका कहना रहा कि दोनों देश परमाणु युद्ध के लिए तैयार थे, लेकिन व्यापार समझौते का प्रलोभन देकर उन्होंने युद्धविराम के लिए राजी किया। कभी उन्होंने यह भी कहा कि 200% टैरिफ लगाने की धमकी के कारण दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों ने युद्ध रोकने पर सहमति जताई।

इस दिन अमेरिकी कांग्रेस में राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि यदि उन्होंने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और युद्ध रोकने में हस्तक्षेप न किया होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आज जीवित नहीं होते।

खुद को शांति नोबेल पुरस्कार का दावेदार बताते हुए ट्रंप ने कहा कि ओवल ऑफिस में पहले 10 महीने बिताने के दौरान उन्होंने आठ युद्धों को समाप्त कराया। उन्होंने कहा, “मेरे राष्ट्रपति पद के पहले 10 महीनों में मैंने आठ युद्ध रुकवाए। अगर मैं न होता तो पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध हो जाता। कम से कम साढ़े तीन करोड़ लोगों ने कहा है कि यदि मैं हस्तक्षेप न करता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मारे जाते।”

उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कई कदम उठाए। पाकिस्तान की धरती पर पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। 6 मई की मध्यरात्रि भारतीय बलों ने पाकिस्तान में हमला कर कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी हमला किया। दोनों देशों के बीच लगातार चार दिन तक संघर्ष चला। 10 मई को भारत और पाकिस्तान युद्धविराम पर सहमत हुए।

हालांकि, उल्लेखनीय रूप से भारत और पाकिस्तान के आधिकारिक ऐलान से पहले ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर युद्धविराम की घोषणा कर दी थी। इस्लामाबाद ने ट्रंप के दावे को स्वीकार किया, लेकिन नई दिल्ली ने इसे खारिज करते हुए बार-बार कहा कि युद्धविराम पूरी तरह दोनों देशों के डीजीएमओ (DGMO) के बीच लिया गया निर्णय था।

इसके अलावा ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत-पाक संघर्ष के अलावा उन्होंने इज़राइल-हमास, इज़राइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया, सर्बिया-कोसोवो, रवांडा-कांगो, आर्मेनिया-अज़रबैजान और कंबोडिया-थाईलैंड के बीच के संघर्ष भी रुकवाए।

Prev Article
पनामा नहर के दो प्रमुख बंदरगाहों पर पनामा सरकार के नियंत्रण से हांगकांग में विरोध

Articles you may like: