पनामा सिटी : पनामा सरकार ने पनामा नहर के दो बेहद महत्वपूर्ण बंदरगाहों बालबोआ और क्रिस्टोबल के नियंत्रण को अपने हाथ में ले लिया है। इन पर दशकों तक हांगकांग स्थित कंपनी का अधिकार था। हांगकांग सरकार ने इस कदम के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है।
इन बंदरगाहों का संचालन 1997 से हांगकांग की कंपनी CK Hutchison Holdings की सहायक कंपनी कर रही थी। लेकिन पनामा की सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उस कंपनी को दिए गए संचालन के अधिकार को असंवैधानिक घोषित कर दिया। इसके बाद सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर इन दोनों बंदरगाहों को अपने नियंत्रण में ले लिया।
हांगकांग के वाणिज्य और आर्थिक विकास विभाग ने जारी बयान कर पनामा के इस फैसले के प्रति गंभीर विरोध जताया है। विभाग ने कहा कि वह हांगकांग कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों का समर्थन करेगा और इस कदम से घिरते हुए मामले का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाधान चाहता है।
यह विवाद वैश्विक राजनीति और व्यापार प्रतिस्पर्धा के बीच उभरा है। अमेरिका और चीन दोनों इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाये रखने की कोशिशों में लगे हुए हैं। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आरोप लगाया था कि चीन पनामा नहर को नियंत्रित कर रहा है, जिससे यह मामला और अधिक ध्यान का केंद्र बन गया था।
चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बयान में कहा कि सरकार इस कंपनी के वैध और कानूनी अधिकारों की रक्षा करेगी। वहीं पनामा सरकार ने कहा है कि नहर और इसके बंदरगाहों का संचालन प्रभावित नहीं होगा और सभी गतिविधियां सुचारू रूप से जारी रहेंगी।
पनामा के राष्ट्रपति ने एक राष्ट्र के नाम संदेश में स्पष्ट किया कि यह कदम किसी राष्ट्रीय संपत्ति जब्त करने जैसा नहीं है, बल्कि इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले 18 महीनों में नए संचालन समझौते पर काम करेगी और इस दौरान संचालन में कोई व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा।
इस फैसले के तहत दोनों बंदरगाहों के संचालन को ट्रांजिशनल आधार पर सम्भाला जाएगा, ताकि व्यापार और समुद्री परिवहन में कोई रुकावट न आये।