उम्र को रोका नहीं जा सकता, सफेद बाल और ढीली पड़ती त्वचा के साथ ही बुढ़ापा दस्तक देता है। लेकिन अगर उम्र से पहले ही सिर सफेद बालों से भर जाए तो परेशानी बढ़ जाती है। कई बार बाल झड़ने लगते हैं और मांग भी चौड़ी हो जाती है। इस तरह की समस्या को आसानी से कम करना संभव नहीं होता।
बालों के रंग के लिए मेलानिन जिम्मेदार होता है। यह मेलानोसाइट कोशिकाओं से बनता है। जब शरीर में मेलानिन की मात्रा कम होने लगती है या उसका संतुलन बिगड़ जाता है, तब बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं।
सफेद बालों को छिपाने के लिए कई लोग हेयर डाई या मेहंदी का सहारा लेते हैं। लेकिन इनका असर अस्थायी होता है। बार-बार बालों को रंगने से बाल कमजोर और बेजान भी हो सकते हैं। ऐसे में बेहतर है कि प्राकृतिक तेलों का उपयोग किया जाए। इससे बाल झड़ना भी कम होगा। इसके लिए सामान्य हेयर ऑयल में कुछ घरेलू सामग्री मिलानी होगी।
आंवला और शिकाकाई
आंवले में विटामिन C पाया जाता है, जो बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता है। वहीं शिकाकाई प्राकृतिक कंडीशनर का काम करती है। आंवला और शिकाकाई का मिश्रण सफेद बालों की समस्या कम करता है और जड़ों को मजबूत बनाता है। नारियल तेल में सूखा आंवला और शिकाकाई उबालकर हेयर ऑयल तैयार किया जा सकता है।
मेथी और कलौंजी
मेथी और कलौंजी बालों की कई समस्याओं को दूर करने में सहायक हैं। मेथी बालों का झड़ना कम करती है और नए बाल उगने में मदद करती है। कलौंजी बालों की सफेदी कम करने और स्कैल्प की समस्या दूर करने में मददगार होती है। इन दोनों को हेयर ऑयल में उबालकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
करी पत्ता
नारियल तेल में एक मुट्ठी करी पत्ता डालकर उबाल लें। ठंडा होने पर तेल को छान लें। यह तेल बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाने के साथ-साथ उनकी घनत्व बढ़ाने में भी सहायक है।
गुड़हल का फूल और पत्तियां
गुड़हल के फूल और पत्तियां बालों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। इनका अर्क सफेद बालों को काला करने और नए बाल उगाने में मदद करता है। एक कप नारियल तेल में दो गुड़हल के फूल और एक मुट्ठी पत्तियां डालकर धीमी आंच पर उबालें। ठंडा होने पर छानकर उपयोग करें।