अच्छी खुशबू व्यक्तित्व को दर्शाती है। हर व्यक्ति चाहता है कि वह दिनभर ताजगी महसूस करे और उसकी सुगंध लोगों को आकर्षित करे। कई बार महंगा इत्र खरीदने के बाद भी उसकी महक जल्दी खत्म हो जाती है। इसका कारण केवल गुणवत्ता नहीं, बल्कि उसे लगाने का तरीका भी हो सकता है। सही जानकारी होने पर आप अपनी पसंदीदा खुशबू को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।
नहाने के बाद करें इस्तेमाल
इत्र लगाने का सबसे उपयुक्त समय स्नान के तुरंत बाद होता है। उस समय त्वचा साफ, हल्की नम और गर्म रहती है, जिससे सुगंध बेहतर ढंग से टिकती है। यदि चाहें तो पहले बिना खुशबू वाली क्रीम या मॉइश्चराइजर लगा लें। इससे त्वचा मुलायम रहेगी और खुशबू अधिक समय तक बनी रहेगी।
कलाई रगड़ने की आदत छोड़ें
अक्सर लोग कलाई पर स्प्रे करने के बाद दोनों हाथों को आपस में रगड़ लेते हैं। ऐसा करने से सुगंध के कण टूट जाते हैं और महक जल्दी उड़ जाती है। बेहतर है कि लगभग दो इंच की दूरी से हल्का छिड़काव करें और बस हल्का स्पर्श करें, रगड़ें नहीं।
सही जगह पर लगाएं
शरीर के कुछ हिस्सों पर ताप अधिक होता है, जिससे खुशबू फैलती रहती है। इन स्थानों को पल्स पॉइंट कहा जाता है। जैसे कानों के पीछे, गर्दन, कोहनी के अंदर, घुटनों के पीछे और कंधों के पास। इन जगहों पर हल्का स्प्रे काफी होता है। नाभि भी एक ऐसा भाग है जहां गर्मी रहती है, इसलिए यहां लगाने से भी सुगंध देर तक बनी रह सकती है।
बालों पर सावधानी
बाल हवा के साथ खुशबू फैलाते हैं, लेकिन सामान्य इत्र में अल्कोहल अधिक होता है जो बालों को रूखा कर सकता है। इसलिए बालों के लिए विशेष हेयर मिस्ट का उपयोग करना बेहतर विकल्प है।
कपड़ों पर छिड़काव कैसे करें
यदि तेज महक पसंद नहीं है तो छह से आठ इंच की दूरी से कपड़ों पर हल्का स्प्रे करें। बहुत पास से छिड़काव करने पर दाग पड़ सकते हैं। नाजुक या हल्के रंग के वस्त्रों पर सावधानी बरतें।
सही खुशबू का चुनाव
इत्र चुनते समय अपनी प्रकृति, त्वचा और अवसर को ध्यान में रखें। मिलनसार और उत्साही स्वभाव वाले लोग फूलों या फलों की हल्की महक पसंद कर सकते हैं। गंभीर या शांत व्यक्तित्व के लिए गहरी और लकड़ी जैसी सुगंध उपयुक्त रहती है।
त्वचा का प्रकार भी असर डालता है। तैलीय त्वचा पर सुगंध अधिक देर टिकती है, जबकि शुष्क त्वचा पर जल्दी उड़ सकती है। संवेदनशील त्वचा वालों को हल्की और त्वचा के अनुकूल खुशबू चुननी चाहिए।
मौसम और अवसर का ध्यान
गर्मियों में हल्की और ताजगी देने वाली महक बेहतर रहती है, जबकि सर्दियों में गहरी सुगंध अधिक उपयुक्त लगती है। दिन के समय हल्का इत्र ठीक रहता है, जबकि शाम के कार्यक्रम के लिए थोड़ी गहरी खुशबू चुनी जा सकती है।
खरीदने से पहले परीक्षण
दुकान में सीधे बोतल से सूंघने के बजाय अपनी त्वचा पर थोड़ी मात्रा लगाकर कुछ समय प्रतीक्षा करें। सुगंध समय के साथ बदलती है, इसलिए सूखने के बाद की महक पर ध्यान दें। एक साथ बहुत अधिक विकल्प न आजमाएं, इससे सूंघने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
सुरक्षित रख-रखाव
इत्र को ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें। धूप और अधिक गर्मी से उसकी गुणवत्ता बदल सकती है। बोतल का ढक्कन अच्छी तरह बंद रखें ताकि हवा का असर न पड़े।
सही चयन और सही उपयोग से आपकी पसंदीदा खुशबू दिनभर साथ निभाएगी। संतुलित मात्रा में लगाया गया इत्र न केवल ताजगी देता है, बल्कि आपकी पहचान को भी खास बनाता है।