बाकू : बाकू स्थित भारतीय दूतावास ने 20 फरवरी 2026 को ‘बाकू ईवनिंग्स’ के उद्घाटन संस्करण का आयोजन किया। यह एक जीवंत और संवादात्मक कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य भारत की प्राचीन और जीवंत भाषाओं, संस्कृत और हिंदी, के अध्ययन और उत्सव को बढ़ावा देना था।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार इस कार्यक्रम में अजरबैजान यूनिवर्सिटी ऑफ लैंग्वेजेज में संस्कृत और हिंदी के प्राध्यापक ध्रुव त्रिवेदी और उनके उत्साही छात्र शामिल हुए। राजदूत अभय कुमार, जो स्वयं एक प्रसिद्ध लेखक, कलाकार और भाषा प्रेमी हैं, ने युवा छात्रों से सीधे संवाद किया। छात्रों ने संस्कृत के श्लोकों का पाठ, हिंदी में संवाद और भारतीय संस्कृति व साहित्य पर विचार-विमर्श के माध्यम से अपनी रुचि व्यक्त की।
प्रतिभागियों ने संस्कृत ग्रंथों में निहित गहन ज्ञान और आधुनिक हिंदी की अभिव्यक्ति की जीवंतता को रेखांकित किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अजरबैजान के युवाओं में भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि बढ़ रही है। इस सत्र ने सार्थक सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया और भारत तथा अजरबैजान के बीच लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत किया।
कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के सदस्य, जिनमें भारतीय छात्र और अजरबैजान के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों का एक समूह भी शामिल था,सभी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। शाम का समापन रवींद्रनाथ टैगोर की ‘गीतांजलि’ के पाठ और भारतीय व्यंजनों के पारंपरिक स्वाद के साथ हुआ, जिससे उपस्थित लोगों को भारत की समृद्ध भाषाई परंपरा के साथ-साथ उसकी पाक विरासत का भी अनुभव मिला।
राजदूत अभय कुमार ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाकू ईवनिंग्स जैसे पहल हमारे दोनों देशों के साझा मूल्यों और सांस्कृतिक निकटता को जीवंत करती हैं। हम युवा अजरबैजानी छात्रों के समर्पण से प्रेरित हैं और भविष्य में ऐसे और समृद्ध संवादों की अपेक्षा करते हैं।
यह उद्घाटन संस्करण ‘बाकू ईवनिंग्स’ श्रृंखला की शुरुआत है, जो अजरबैजान में भारतीय संस्कृति, शिक्षा, कला और विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दूतावास द्वारा शुरू की गई नई पहल है। इससे पहले 18 फरवरी को अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की घोषणा की थी।
एक्स पर किए गए पोस्ट में दूतावास ने कहा कि क्या आप अजरबैजान में संस्कृत और हिंदी सीखना चाहते हैं? बाकू स्थित भारतीय दूतावास आपको ‘बाकू ईवनिंग्स’ के पहले संस्करण में आमंत्रित करतें हैं, जहां अजरबैजान यूनिवर्सिटी ऑफ लैंग्वेजेज में संस्कृत और हिंदी पढ़ाने वाले ध्रुव त्रिवेदी के साथ एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया जाएगा।