रांची: झारखंड में एयर एम्बुलेंस हादसे को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सोमवार रात रांची से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने शुरू कर दी है। जांच के दौरान पता चला है कि दुर्घटनाग्रस्त एयर एम्बुलेंस में कोई ब्लैक बॉक्स नहीं था। इतना ही नहीं, पिछले चार वर्षों से इस विमान का उपयोग भी नहीं किया गया था। प्राथमिक जांच में खराब मौसम को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम 7 बजकर 11 मिनट पर रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा से बीचक्राफ्ट किंग एयर बीई9एल मॉडल की एयर एम्बुलेंस ने उड़ान भरी थी। 41 वर्षीय संजय कुमार, जो आग से झुलस गए थे, उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। परिवार ने संपत्ति बेचकर और आठ लाख रुपये का कर्ज लेकर यह विमान किराए पर लिया था। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार, रांची से उड़ान भरने के तुरंत बाद मौसम खराब होने लगा। पायलट ने कोलकाता एयरपोर्ट से संपर्क कर रूट बदलने का अनुरोध किया था। इसके बाद विमान से संपर्क टूट गया। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कासारी जंगल में विमान गिरने से पायलट सहित 7 लोगों की मौत हो गई।
जांच अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती यह है कि 5700 किलोग्राम से कम वजन वाले विमान में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर रखना अनिवार्य नहीं है। ऐसे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल के डेटा और मलबे के विश्लेषण के आधार पर ही जांच करनी होगी। खराब मौसम हादसे की वजह था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि प्रतिकूल मौसम के कारण एयर इंडिया और इंडिगो की दो उड़ानों ने भी उस क्षेत्र में अपना रूट बदल लिया था। यह विमान 1987 में बनाया गया था। वर्ष 2022 में इसे रेडबर्ड एयरवेज ने एक अन्य कंपनी से खरीदा था। इससे पहले लगभग चार वर्षों तक इसका उपयोग नहीं किया गया था। विमान में किसी तकनीकी खराबी की भी जांच की जा रही है।