नई दिल्ली: भारतीय रेलवे में अब दूरगामी ट्रेनों के शौचालयों से जंजीर से बंधे स्टील के मग हटाए जाएंगे। उनकी जगह जेट स्प्रे लगाने का फैसला किया गया है। रेल मंत्रालय ने देश के सभी रेलवे जोन को ट्रेन के टॉयलेट से पानी के नल के साथ लगे जंजीर वाले मग हटाने के निर्देश दिए हैं। अब तक लंबी दूरी की ट्रेनों के शौचालयों में पहले केवल पानी का नल होता था। बाद में यात्रियों की सुविधा के लिए स्टील का मग जोड़ा गया लेकिन मग चोरी होने की घटनाओं के बाद उन्हें जंजीर से बांधने की व्यवस्था शुरू की गई। कई वर्षों तक यही प्रणाली चलती रही हालांकि यात्रियों की शिकायतें लगातार मिलती रहीं।
रखरखाव कर्मचारियों के अनुसार, ट्रेन की आवाजाही और झटकों के कारण मग में पानी भरते समय पानी फर्श पर गिर जाता था। इससे शौचालय का फर्श गीला रहता था और गंदगी जमा होकर अस्वच्छ वातावरण बनता था। समय के साथ फर्श असमान हो जाता था, छोटे गड्ढों में पानी जमा रहता था और बदबू की समस्या बढ़ जाती थी।
इसी समस्या को देखते हुए बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई। उत्तरी रेलवे तथा दिल्ली और अंबाला डिविजन की शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जेट स्प्रे लगाए गए। नलों को डमी प्लग से बंद कर जंजीर वाले मग हटा दिए गए। परीक्षण में पाया गया कि पहले की तुलना में फर्श अधिक सूखा और साफ रह रहा है तथा पानी जमा नहीं हो रहा है। नॉर्दर्न रेलवे की शताब्दी एक्सप्रेस के 182 कोच में पहले ही जेट स्प्रे लगाए जा चुके हैं। रेलवे का मानना है कि इस बदलाव से शौचालयों में पानी जमा होने की समस्या कम होगी और स्वच्छता का स्तर बेहतर होगा।