नई दिल्ली : नई दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ कथित जातीय दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। जिसने उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति भेदभाव के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 20 फरवरी को दोपहर लगभग 3.30 बजे दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में हुई। उस समय महिलाएं अपने किराए के चौथी मंजिल के अपार्टमेंट में ड्रिलिंग और विद्युत स्थापना से जुड़ा मरम्मत कार्य करवा रही थीं। इसी दौरान पड़ोसियों के साथ विवाद हुआ, जिसके बाद कथित रूप से महिलाओं को जातीय अपशब्द कहे गए और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। घटना की जानकारी रविवार को सार्वजनिक हुई।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं और संस्थाओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपने ही देश में पराया महसूस नहीं कराया जाना चाहिए। उन्होनें बताया कि उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति पूर्वाग्रह अब भी समाज में मौजूद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले को सामान्य विवाद बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करते हुए कानून के तहत जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और पीड़ित महिलाओं को पूर्ण सुरक्षा और समर्थन देना चाहिए। उन्होंने बताया कि समान नागरिकता का अर्थ देश के हर हिस्से में समान सम्मान और समान सुरक्षा होना चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी इस घटना को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि मालवीय नगर में रह रहीं राज्य की तीन युवा महिलाओं के साथ हुआ व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और समाज में ऐसी मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात की और दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके अनुसार आरोपी फिलहाल फरार हैं, लेकिन उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
इस बीच अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने भी घटना की निंदा करते हुए इसे समानता, गरिमा और सम्मान जैसे संवैधानिक मूल्यों का गंभीर उल्लंघन बताया है। आयोग ने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती है कि हमें आपसी सम्मान और गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर-पूर्व देश का अभिन्न अंग है और प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
यह घटना एक बार फिर इस बात पर जोर देती है कि देश में क्षेत्रीय और जातीय पूर्वाग्रह के खिलाफ संवेदनशीलता और कड़ी कानूनी कार्रवाई दोनों आवश्यक हैं।