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अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हिंदू पड़ोसी के शव को कंधे पर उठाकर श्मशान यात्रा में शामिल हुए

उन्होंने हिंदुओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंतिम संस्कार किया और फिर घर लौट आए।

By अर्ध्य नस्कर, Posted by: प्रियंका कानू

Feb 22, 2026 12:39 IST

दत्तपुकुर: उत्तर 24 परगना जिले के दत्तपुकुर इलाके में रमजान के पवित्र महीने के दौरान इंसानियत और भाईचारे की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। रोजा रख रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने हिंदू पड़ोसी के अंतिम संस्कार में कंधा देकर मानवता की मिसाल पेश की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दत्तपुकुर के कोटरा पंचायत के पानशिला गांव निवासी बसुदेव नंदी पिछले कुछ समय से बीमार थे। अस्पताल में इलाज के बाद वे घर लौटे थे लेकिन शनिवार को उनका निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई।

स्थिति की जानकारी मिलते ही गांव के मुस्लिम समुदाय के लोग मदद के लिए आगे आए। रमजान के चलते दिनभर रोजा रखने के बावजूद उन्होंने हिंदू पड़ोसियों के साथ मिलकर बसुदेव नंदी की अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया। गांव की सड़कों पर जहां हिंदू समुदाय के लोग हरिनाम संकीर्तन करते हुए चल रहे थे, वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग भी कंधे से कंधा मिलाकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सभी लोग मिलकर दत्तपुकुर के काली मंदिर के पास स्थित श्मशान घाट पहुंचे, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

कोटरा पंचायत के प्रधान रविउल्लाह सरदार ने बताया कि बसुदेव नंदी लंबे समय से इलाके के निवासी थे। उनकी बीमारी के दौरान भी मुस्लिम भाइयों ने अस्पताल ले जाने में मदद की थी। रोजा चलने के बावजूद मानवता के नाते सभी ने अंतिम संस्कार में सहयोग किया। स्थानीय निवासी विद्युत नंदी ने कहा कि गांव में लगभग 75 प्रतिशत आबादी मुस्लिम समुदाय की है लेकिन दोनों समुदाय के लोग मिलजुल कर रहते हैं। बसुदेव नंदी के इलाज से लेकर अंतिम संस्कार तक सभी ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई। देश के कई हिस्सों में जहां सांप्रदायिक तनाव की खबरें आती रहती हैं, वहीं दत्तपुकुर की यह घटना आपसी सद्भाव और एकता का मजबूत संदेश देती है।

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