हर साल भारत-बांग्लादेश के बीच जीरो प्वाएंट पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों व आम जनता की उपस्थिति में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाता था। जीरो प्वाएंट पर भाषा शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की जाती थी। इस कार्यक्रम का आयोजन बनगांव पंचायत समिति, छयघरिया पंचायत और भारत-बांग्लादेश मैत्री समिति की ओर से किया जाता है। लेकिन इस साल परिस्थिति अलग है।
बांग्लादेश की अस्थिर परिस्थिति में जीरो प्वाएंट पर इस साल अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा रहा है। न तो इस साल बांग्लादेश में नवगठित सरकार के कोई प्रतिनिधि आ रहे हैं और न ही वहां की आम जनता।
हालांकि बनगांव नगरनिगम की ओर से मातृभाषा दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है लेकिन इसे बनगांव शहर के अंदर ही आयोजित किया जाएगा। बनगांव नगरनिगम की ओर से प्रभातफेरी और बीएसएफ कैम्प मोड़ पर भाषा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सूचना एवं संस्कृति विभाग की ओर से शनिवार को नगरनिगम द्वारा संचालित अग्निकन्या पार्क में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बनगांव नगरनिगम के चेयरमैन दिलीप मजुमदार का कहना है कि बांग्लादेश की नई सरकार के साथ इस बारे में कोई बात नहीं की गयी है। इस वजह से इस साल जीरो प्वाएंट या पेट्रापोल पर इस साल भाषा दिवस पर किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया है।