पिछले लंबे समय से चल रही जिंदगी और मौत की जंग आखिरकार रुक गयी। बारासात के अस्पताल में निपा (Nipah) संक्रमित महिला नर्स की मृत्यु हो गयी। गुरुवार की शाम को निजी अस्पताल में नर्स ने अपनी आखिरी सांस ली। उन्हें जनवरी के अंत में वेंटिलेशन से बाहर निकाला गया था लेकिन वह विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं से पीड़ित थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनका ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम अच्छी तरह से काम नहीं कर रहा था। लंबे समय तक कोमा में रहने की वजह से उनकी इम्यूनिटी भी कम हो गयी थी। इसके साथ ही फेंफड़े में भी संक्रमण हो गया था।
इस साल के शुरुआत में राज्य में निपा संक्रमण का मामला सामने आया था। उत्तर 24 परगना जिले में ब्रदर नर्स और एक सिस्टर नर्स के निपा संक्रमित होने की जानकारी मिली। इसके बाद से ही आतंक का माहौल छा गया था। दावा किया गया था कि 31 दिसंबर को नववर्ष की छुट्टी के मौके पर सिस्टर नर्स अपने घर गयी थी।
गत जनवरी के पहले सप्ताह से वह बीमार पड़ गयी थी। शुरुआत में उन्हें बर्धमान मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन बाद में उनके कार्यस्थल बारासात के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं पर उनका इलाज चल रहा था। जांच में निपा संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही उनकी निजी अस्पताल में एक ब्रदर नर्स के भी निपा संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उनका इलाज भी निजी अस्पताल में चल रहा था। वह कुछ दिनों पहले ही ठीक होकर घर चले गए थे।
दूसरी ओर वेंटिलेशन से बाहर निकालने के बावजूद सिस्टर नर्स लगातार कोमा में थी। पूर्व बर्धमान के कटवा की निवासी 25 वर्षीया उक्त महिला नर्स को हॉस्पिटल एक्वॉर्ड नोसोकोमियर इंफेक्शन हो गया है। सिस्टर नर्स ने आंखें खोलने, शरीर को सीधा करने, हाथ-पांव हिलाने और बात करने की कोशिश भी की। लेकिन अचानक बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। गुरुवार की शाम को करीब 4.20 बजे बारासात के निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गयी।