बनगांव: एक शिक्षक अपने ही स्कूल के क्लासरूम के पंखे से लटककर आत्महत्या की कोशिश की। वे बूथ लेवल ऑफिसर भी हैं। तुरंत उन्हें स्थानीय बनगांव अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में स्मरजीत हालदर नामक उस बीएलओ को वेंटिलेशन पर रखकर इलाज किया जा रहा है। परिवार वालों का कहना है कि SIR के काम का दबाव सह न पाने के कारण स्मरजीत ने आत्महत्या की कोशिश की। सोमवार को यह सनसनीखेज घटना बागदा थाना की पथुरिया प्राइमरी स्कूल में हुई।
स्मरजीत बागदा के परमादान गांव के रहने वाले हैं। उन्हें बूथ नंबर 30 पर बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई है, जो उनके गांव के बूथ से ज्यादा दूर नहीं था। स्मरजीत बागदा थाना क्षेत्र के पथुरिया प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। बीएलओ के रूप में काम करने के बाद वह नियमित रूप से स्कूल नहीं आ सकते थे। संबंधित बूथों के बीएलओ को अब सुनवाई के लिए आए मतदाताओं की तस्वीरें और दस्तावेज आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करना था।
सोमवार को स्मरजीत निर्धारित समय से थोड़ा पहले ही स्कूल आ गए थे। प्रधानाध्यापक नहीं आए थे। छात्रों की संख्या भी कम है। स्मरजीत ने छत के पंखे से लटककर आत्महत्या करने की कोशिश की। कुछ देर बाद एक छात्र कक्षा में दाखिल हुआ और उन्हें फंदे से लटका हुआ देखा और चिल्लाया। साथी शिक्षक मौके पर पहुंचे और रस्सी काटकर स्मरजीत को नीचे ले आए। आनन-फानन में उन्हें बनगांव अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के अधीक्षक कृष्ण चंद्र बरई ने कहा कि उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है। स्मरजीत के रिश्तेदार तपन विश्वास का कहना है कि उन्हें बीएलओ बनाया गया था। पहले दिन से ही स्मरजीत काम के दबाव में थे। अत्यधिक काम के दबाव में मानसिक रूप से अस्थिर होकर उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की। स्कूल के प्रधान शिक्षक प्रदीप कुमार बाला का कहना है कि वे बीएलओ की जिम्मेदारी में थे। जिससे वे समय पर स्कूल नहीं आते थे। क्यों उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की, इसके बारे में उन्हें कुछ नहीं पता।