नरेंद्रपुर थानांतर्गत आनंदपुर के नजीराबाद में लगी भयावह आग जिसने 25 से ज्यादा जिंदगियां लील ली थी। जांच अधिकारी लगभग निश्चित हो चुके हैं कि यह भीषण आग डेकोरेटर के गोदाम से ही लगी थी। लेकिन 25 जनवरी की देर रात को किस रसोई घर से आग लगी थी, इसका पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम ने रविवार को मौके से सबूत इकट्ठा किया।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जब पूरी परिस्थिति की जांच की गयी तो डेकोरेटर्स कंपनी के गोदाम में 3 अलग-अलग रसोई घर का पता चला है। इसलिए पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि आखिर किस रसोई घर से आग फैली?
पर यह सवाल इतना महत्वपूर्ण क्यों है? बताया जाता है कि जब आग लगने के स्रोत का पता चलेगा तभी जांच अधिकारी इस बात का पता भी लगा सकेंगे कि आग दोनों गोदाम में कैसे फैल गयी थी? पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गोशाला से सटे डेकोरेटर कंपनी के गोदाम के एक हिस्से में मिट्टी का चुल्हा मिला है।
दुर्घटना वाली रात को वहां खाना बनने के सबूत भी मिले हैं। 26 जनवरी की सुबह वहां से हांडी, जली लकड़ी इत्यादि बरामद हुए। इसके अलावा गोदाम के पीछे ही एक और 3 मंजिला इमारत है जहां भी डेकोरेटर्स कंपनी के रसोई घर का पता चला है जहां गैस ओवन पर खाना पकता था।
इसके अलावा जलकर पूरी तरह से नष्ट हो चुके और एक गोदाम में भी रसोईघर होने का सबूत मिला है। जांच में पुलिस को पता चला है कि उन तीनों गोदाम और मोमो बनाने के कारखाना में हर दिन कम से कम 200-250 कर्मचारी काम करते थे लेकिन 26 जनवरी को छुट्टी होने और उसके पहले वाला दिन रविवार होने की वजह से बड़ी संख्या में मजदूर अपना वेतन लेकर घर चले गए थे। जो 5 मजदूर अगलगी की घटना से बचकर वापस लौटे, वे पुलिस को आग लगने के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके हैं।
जांच अधिकारियों का अनुमान है कि लकड़ी के चुल्हे पर खाना पकाया जा रहा था, वहां से ही आग कि चिंगारी सूखे ज्वलनशील पदार्थों पर गिरी होगी जिससे आग भड़क सकती है।