हावड़ा: कुछ महीने पहले हावड़ा स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरकर मेट्रो सुरंग के लिफ्ट में चढ़ते समय अचानक हृदयाघात से एक ऑफिस यात्री की मौत हो गई थी। उस समय शिकायत उठी थी, कि वह आधे घंटे से अधिक समय तक प्लेटफॉर्म पर बेहोशी की स्थिति में पड़े रहने के बावजूद रेलवे का कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी नहीं दिखा। बहुत देर से अस्पताल पहुँचने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। हालांकि यह कोई अलग घटना नहीं है। इस तरह की शिकायतें अक्सर सुनने को मिलती हैं। चलते ट्रेन में या प्लेटफॉर्म पर अचानक कोई बीमार पड़ जाए तो अधिकतर मामलों में इलाज शुरू करने में काफी देर हो जाती है।
इसकी वजह से बिना इलाज के मरीज की जान चली जाती है। यह लेकर बार-बार रेलवे की आलोचना होती रहती है। इस समस्या से निपटने के लिए इस बार रेलवे बड़े-बड़े स्टेशनों पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करना चाहता है। इसी उद्देश्य से पूर्व रेलवे के हावड़ा डिवीज़न के चार महत्वपूर्ण स्टेशनों पर आधुनिक स्तर के आपातकालीन मेडिकल रूम और फार्मेसी बनाई जाएगी। इस सेवा के अंतर्गत हावड़ा, बर्दवान, बोलपुर और रामपुरहाट स्टेशन आएंगे। यात्रा के दौरान यदि कोई अचानक बीमार पड़ जाए तो उसे तुरंत इलाज देना इस पहल का मुख्य लक्ष्य है।
रेल योजना के अनुसार, किसी भी नामी निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संस्था को इमरजेंसी मेडिकल रूम और फार्मेसी संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। हावड़ा, बर्दवान, बोलपुर और रामपुरहाट स्टेशनों पर इमरजेंसी मेडिकल रूम और फार्मेसी चलाने के लिए उपयुक्त संस्था का चयन करना। पिछले 2 फरवरी को पूर्व रेलवे कार्यालय में एक प्री-बिड बैठक आयोजित की गई थी। उसमें विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक EMR (इमरजेंसी मेडिकल रूम) में आपातकालीन चिकित्सा के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अंतर्गत ईसीजी मशीन, ओपीडी सेवा, ऑन-कॉल डॉक्टर, मरीजों की आवश्यक दवाइयों के लिए फार्मेसी, आधुनिक ड्रेसिंग रूम, ग्लूकोमीटर, नेबुलाइज़र, ऑक्सीजन सिलेंडर और स्ट्रेचर शामिल हैं। रेलवे के अपने डॉक्टर और नर्सों के अलावा, आपात आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को फोन करके बुलाया जाएगा। रेलवे के इस कदम का स्वागत आम यात्री कर रहे हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे के हावड़ा-जोगपुर पैसेंजर एसोसिएशन के सचिव अजय दालुई ने कहा, 'पिछले नवंबर महीने में हमने रेलवे के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करके हर दो-तीन स्टेशनों पर एक-एक प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की मांग की थी। इसका लागू होना देखकर हम खुश हैं।'