हावड़ा: एक बैंक से चार लाख रुपये गायब होने के कारण निराश होकर एक वृद्ध ने आत्महत्या की धमकी दी। घटना हावड़ा के बेलूड़ के गिरीश घोष रोड पर घटित हुई। स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि लगभग तीन महीने पहले बेलूड़ के एक निजी बैंक में सेविंग्स अकाउंट खोले थे। बेलूड़ के धर्मतला रोड के निवासी सत्तर वर्षीय जीतेन मालाकार। उन्होंने उस अकाउंट में लगभग चार लाख रुपये जमा किए थे लेकिन वह पैसा गायब होने के कारण अब वे गंभीर संकट में हैं। उनका आरोप है कि इस मामले में हावड़ा पुलिस के साइबर क्राइम विभाग और संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अभी तक उन्हें पैसा वापस नहीं मिला है।
उल्टे बैंक के अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उस निराशा में मंगलवार को उस वृद्ध ने उस बैंक के सामने आत्महत्या की धमकी दी। इसके कारण इलाके में तनाव फैल गया। परिवार का दावा है कि बैंक अधिकारियों की सलाह मानकर जीतेन ने अपने सेविंग्स अकाउंट में जो पैसा रखा था, उसे फिक्स्ड डिपॉजिट करने के लिए आवेदन किया था। हालांकि उन्हें कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। इसके कुछ ही दिनों बाद अचानक जीतेन के फोन पर लगातार मैसेज आने लगे। उसमें उन्होंने देखा कि उनके अकाउंट से पैसे निकाले जा रहे हैं। जीतेन के बेटे सुजित मालाकार के अनुसार, 'मैसेज देखते ही हमें पता चला कि पिता के अकाउंट से 4 लाख से अधिक रुपये निकाल लिए गए हैं। तुरंत हमने बैंक के कस्टमर केयर से फोन करके अकाउंट ब्लॉक करने का अनुरोध किया लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ।' उनके दिए गए जानकारी के मुताबिक, यह घटना सुबह 8 बजे से साढ़े 8 बजे के बीच हुई। उसी दिन वे बैंक जाकर पूरी घटना बताते हैं। इसके साथ ही हावड़ा पुलिस के साइबर क्राइम सेल के पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। बाद में बेलूड़ थाने में भी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तीन महीने बीत गए हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। वहीं हालात जानने के लिए मंगलवार सुबह जीतेन बैंक के मैनेजर से मिलने पहुंचे। तभी बैंक के मैनेजर सहित कई अधिकारी उनके साथ गलत तरीके से पेश आने लगे। खबर पाते ही जब मीडिया के प्रतिनिधि वहां पहुंचे, तो बैंक के अधिकारी उनसे बात करने से इनकार कर दिया। मानसिक अवसाद के कारण वृद्ध ग्राहक ने उस दिन बैंक के सामने आत्महत्या की धमकी दी। इस घटना से इलाके में हलचल फैल गई। यह खबर पाते ही बेलूड़ थाने की पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने उन्हें समझा कर घर भेजने की व्यवस्था की।