नई दिल्ली/कोलकाताःSIR को लेकर बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद सुप्रीम कोर्ट में मेल-मुकदमे में प्रश्न उठाए। बुधवार को मामले की सुनवाई में देश के शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि 'इस तरह SIR का संचालन नहीं किया जा सकता।' जरूरत पड़ने पर SIR की समयसीमा बढ़ाई जा सकती है, ऐसा भी संकेत दिया गया। पूरे प्रक्रिया को तृणमूल कांग्रेस 'नैतिक जीत' के रूप में देख रही है। इसके विपरीत भाजपा का कहना है, 'तृणमूल घुसपैठिएं को राज्य के वोटर लिस्ट में रखने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से SIR जैसा कदम उठाया जा रहा है।' वहीं सीपीएम का कहना है, 'यह सब सिर्फ दिखावा है।'
ममता बनर्जी द्वारा दायर मामले की सुनवाई पर पूरे देश की नजरें थीं। कई लोगों ने लाइव स्ट्रीमिंग में सुनवाई देखी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से बाहर आने पर ममता ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुछ ही पलों में इस सुनवाई का वीडियो तृणमूल के एक्ज़ हैंडल पर साझा किया गया और लिखा गया, 'सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की बड़ी जीत। सुप्रीम कोर्ट ने SIR से संबंधित मामले में आयोग को नोटिस देने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के अधिकारियों को मानवीय होने के लिए कहा है। यह भी कहा है कि माइक्रो ऑब्ज़र्वर्स की आवश्यकता नहीं हो सकती।'
हालांकि बीजेपी ने ममता बनर्जी के एसआईआर मामले की कड़ी आलोचना की है। बीजेपी सांसद डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा, 'बांग्ला फिल्मों के सुपरस्टार रह चुके उत्तम कुमार ने सिर्फ एक हिंदी फिल्म 'छोटी सी मुलाकत' की थी। फिल्म फ्लॉप हो गई। दीदी का दिल्ली दौरा भी पूरी तरह से फ्लॉप रहा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा, "यह मूल रूप से उन लोगों के लिए एक संदेश है जो घुसपैठिए हैं, रोहिंग्या, हम आपकी रक्षा कर रहे हैं। ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल के आम लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। पश्चिम बंगाल के लोगों ने फैसला किया है कि वे अब तृणमूल का समर्थन नहीं करेंगे।’
बहुत हद तक वही अंदाज अपनाते हुए SIR को लेकर ममता बनर्जी का मुकदमा दायर करना और खुद पूछताछ करने के विषय पर सीपीएम ने हमला किया। सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने एक समाचार माध्यम में कहा, 'नवंबर, दिसंबर, जनवरी के बाद जब SIR लगभग अंतिम चरण में था, तब उन्हें याद आया। ममता प्रशासनिक प्रमुख के रूप में असफल रही हैं। उन्होंने काला कपड़ा पहन रखा है। यह सब सिर्फ दिखाने के लिए कर रही हैं।' हालांकि, सुजन ने 2026 के ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार चुनाव करवाने की मांग की।